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भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की सातवीं कक्षा की छात्रा सुनीता कुमारी की मौत के मामले में एनएसयूआई ने विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। छात्रा सुनीता कुमारी, पिता तिसर लोहरा, अगरडीह रनगड़ा की निवासी थी। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। विनय उरांव ने 16 अक्टूबर को जिला कमेटी के सदस्यों के साथ विद्यालय पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इसके बाद 17 अक्टूबर को छात्राओं तथा अभिभावकों से बातचीत की। पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। विनय उरांव ने कहा कि एक गरीब परिवार की मासूम बच्ची की मौत बेहद दुखद है। यह राजनीति करने का समय नहीं है। परिवार को न्याय दिलाने तथा घटना की सच्चाई सामने लाने का समय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। विद्यालय प्रशासन तथा वार्डन की भूमिका की पड़ताल करने पर जोर दिया। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था की समीक्षा करने पर जोर दिया। एनएसयूआई के पूर्व जिला अध्यक्ष मनौव्वर आलम ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य की जिम्मेदारी प्रशासन की है। किसी छात्रा की तबीयत खराब होने पर समय पर इलाज कराना विद्यालय प्रबंधन का प्राथमिक कर्तव्य है। अभिभावकों को समय पर सूचना देना भी जरूरी है। यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं दिलाया गया, तो संगठन सड़क से सदन तक चरणबद्ध आंदोलन करेगा। मौके पर प्रदेश महासचिव सविता कुमारी, जिला महासचिव आर्यन भगत, बीएस कॉलेज अध्यक्ष अनूपा उरांव, सचिव हेमा मिंज सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
छात्रा की मौत पर एनएसयूआई सख्त, निष्पक्ष जांच की मांग, कहा- न्याय नहीं मिलने पर होगा आंदोलन

