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जिले में पिछले कुछ समय से जियो और एयरटेल मोबाइल नेटवर्क की धीमी गति से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम होने के कारण ऑनलाइन कामकाज, डिजिटल भुगतान, पढ़ाई और जरूरी संचार से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क कमजोर रहने की भी शिकायत उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल में नेटवर्क के पर्याप्त सिग्नल दिखाई देने के बावजूद इंटरनेट की गति काफी धीमी रहती है। कई बार वेबसाइट खुलने, फोटो-वीडियो भेजने और ऑनलाइन एप्लीकेशन चलाने में काफी समय लग रहा है। ऑनलाइन भुगतान के दौरान भी नेटवर्क की समस्या के कारण लेन-देन अटकने या प्रक्रिया पूरी होने में देरी की शिकायत सामने आ रही है। विद्यार्थियों और ऑनलाइन कार्य करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं, परीक्षा फॉर्म भरने, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित आवेदन और अध्ययन सामग्री डाउनलोड करने में नेटवर्क की धीमी गति बाधा बन रही है। वहीं, व्यवसायियों और दुकानदारों के लिए यूपीआई एवं अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर निर्भरता बढ़ने के कारण नेटवर्क समस्या सीधे दैनिक कारोबार को प्रभावित कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या और अधिक महसूस की जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि शाम के समय नेटवर्क पर अधिक दबाव पड़ने से इंटरनेट की गति और कम हो जाती है। इससे लोगों को जरूरी कार्य पूरा करने के लिए बार-बार स्थान बदलना पड़ता है।।उपभोक्ताओं ने संबंधित दूरसंचार कंपनियों से नेटवर्क की तकनीकी समस्या की जांच कर आवश्यक सुधार कराने की मांग की है। मामले पर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रितेश कुमार ने कहा कि बीते एक पखवाड़े से नेटवर्क की स्थिति जिलेभर में काफी स्लो हो गई है। जिसके कारण इसका प्रभाव व्यावसायिक क्षेत्र में अधिक पड़ रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व 31 अगस्त की रात नेटवर्क काफी स्लो होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तहत व्यवसाईयों को कार्य करना पड़ा। वहीं उन्होंने ट्रांजैक्शन को लेकर भी कहा कि नेटवर्क की लचर व्यवस्था के कारण प्रतिदिन लगभग 30 से 40 लख रुपए का ट्रांजैक्शन प्रभावित हो रहा है।
जिले में इंटरनेट नेटवर्क की गति धीमी कामकाज प्रभावित, लोग रहे परेशान
