Sunday, July 26, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

जेपीएससी भर्ती परीक्षा गड़बड़ी मामला…:जेपीएससी: परीक्षा कराने वाली एजेंसी ही भर्ती कर रही थी फिक्स


झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कई भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता सवालों के घेरे में आ गई है। क्योंकि जिस एजेंसी को परीक्षा संचालन, ओएमआर प्रोसेसिंग और डिजिटल मूल्यांकन की जिम्मा दी गई थी, वही भर्ती फिक्स करने में लगा था। आयोग चेयरमैन को भेजी गई शिकायत में दावा किया गया है कि एजेंसी से जुड़े लोग ने नियुक्ति परीक्षा समाप्त होने के बाद हेरफेर कर अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। शिकायत के अनुसार अंतिम रुप से चयन के लिए प्रति अभ्यर्थी लगभग 25 लाख रुपए तक की डील की जाती थी। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी आरोप है कि एजेंसी से जुड़े बताए गए एक व्यक्ति ने स्वयं उसी भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी के रूप में भाग लिया और प्रारंभिक परीक्षा में सफल भी हुआ। पूरे नेटवर्क के कार्य करने के तरीके का भी उल्लेख
शिकायतकर्ता ने केवल आरोप नहीं लगाए हैं, बल्कि पूरे नेटवर्क के काम करने के तरीके का भी उल्लेख किया है। परीक्षा के बाद ओएमआर उत्तरपुस्तिकाओं की प्रोसेसिंग के दौरान हस्तक्षेप किया गया। डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का दुरुपयोग कर अंक बदले गए। इसके बाद मेरिट सूची में चयनित अभ्यर्थियों के नाम शामिल कराए गए। इस पूरे काम में एजेंसी से जुड़े प्रोग्रामर और अन्य कर्मियों की भूमिका होने की शिकायत की गई है। इन आरोपों की पुष्टि ओएमआर डेटा, सर्वर लॉग, डिजिटल ऑडिट ट्रेल और सीसीटीवी फुटेज से हो सकती है। 500 ओएमआर शीट में हेरफेर की गई
फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (एफआरओ) और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (एसीएफ) भर्ती परीक्षा के 500 ओएमआर शीट में बदलाव करने के आरोप लगे हैं। इसमें FRO परीक्षा में 350 से अधिक ओएमआर शीट में हेराफेरी करने की शिकायत है। वहीं एसीएफ नियुक्ति परीक्षा में 150 से अधिक ओएमआर शीट में बदलाव करने का आरोप है। पीटी में 5 लाख रुपए और अंतिम चयन के लिए 25 लाख रुपए तय है। सचिव के पुत्र के पीटी पास होने की भी जांच
14वीं झारखंड सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बीच अब आयोग के सचिव के पुत्र के पीटी पास करने पर सवाल उठ रहे हैं। आयोग सूत्रों का कहना है कि पीटी का परिणाम आने के बाद सचिव ने पत्र देकर स्वयं को इस परीक्षा से जुड़े कार्यों से अलग रखने का अनुरोध किया था। इस संबंध में सचिव का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन और वाट्सअप पर मैसेज भी भेजा गया, पर उन्होंने ने कॉल रिसीव किया और न ही मैसेज का जवाब दिया। इस मामले की भी सीआईडी जांच होगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles