
रांची: झारखंड सरकार ने सचिवालय सेवा संवर्ग के ढांचे में सुधार और उसके सुदृढ़ीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. कार्मिक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सचिवालय सेवा की समीक्षा और पुनरीक्षण के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है. सरकार का उद्देश्य सचिवालय की कार्यप्रणाली को भविष्य की जरूरतों के अनुसार अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है.
मस्त राम मीणा की अध्यक्षता में अनुभवी टीम
गठित कमेटी की कमान राजस्व परिषद के वरिष्ठ सदस्य मस्त राम मीणा को सौंपी गई है. इस महत्वपूर्ण समिति में कार्मिक, वित्त और भू-राजस्व विभाग के सचिवों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. यह टीम सचिवालय सेवा संवर्ग के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का गहराई से अध्ययन करेगी और अपनी सिफारिशें सरकार के समक्ष रखेगी.
प्रमोशन और नई नियुक्तियों पर रहेगा फोकस
कमेटी का मुख्य कार्यक्षेत्र सचिवालय के पदों की कार्य-विशिष्टता और स्वीकृत पदों की उपयोगिता का आकलन करना है. विशेष रूप से, कमेटी प्रशाखाओं (सेक्शन) के पुनर्गठन, पदोन्नति की समय सीमा तय करने और सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सुझाव देगी. इसके अलावा, भविष्य में बढ़ने वाले कार्यभार को देखते हुए नई पद संरचना का खाका भी तैयार किया जाएगा.
तीन महीने में तैयार होगा भविष्य का रोडमैप
राज्य सरकार ने कमेटी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और अनुशंसाएं सौंपने के लिए तीन महीने का समय दिया है. माना जा रहा है कि इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद सचिवालय सेवा में कार्यरत कर्मियों की पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी. सचिवालय के ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में इस पहल को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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