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झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सामुदायिक स्वास्थ्य में स्नातक विज्ञान कोर्स उत्तीर्ण सुनील कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई के बाद बड़ी राहत दी है। अदालत ने राज्य सरकार को इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही वर्ष 2019 के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर इन्हें परीक्षा उत्तीर्ण करने की तिथि से 4200 रुपये का ग्रेड पे देने का निर्देश दिया है। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य में स्नातक विज्ञान की डिग्री हासिल करने वालों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सहायक पद पर नियुक्त कर 4200 रुपये ग्रेड पे देने का निर्णय लिया था। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य सहायक नियुक्ति एवं सेवा-शर्त नियमावली, 2025 भी बनाई गई है। इसके बावजूद डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को नियमित नियुक्ति देने के बजाय संविदा पर रखा गया और 4200 ग्रेड पे का लाभ भी नहीं दिया गया। रांची| झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने 262 दिन की देरी से दाखिल राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने देरी माफ करने की अर्जी भी नहीं मानी। कहा कि सरकार पर्याप्त और संतोषजनक कारण बताने में विफल रही। अपील 16 अगस्त 2024 के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल हुई थी। आदेश के बाद फाइल चलने में ही 11 दिन लगे। 27 अगस्त से 2 सितंबर तक फाइल निदेशालय और अधिकारियों के बीच घूमती रही। 15 सितंबर को अपील की समय-सीमा खत्म हो गई। 27 सितंबर से 14 अक्टूबर तक 17 दिन और 24 नवंबर से 16 दिसंबर तक 22 दिन का अंतराल रहा। फाइल 30 से ज्यादा बार घूमी। महाधिवक्ता ने 4 फरवरी 2025 को अपील की राय दी, फिर भी 122 दिन बाद 6 जून को अपील हुई। एकल पीठ ने वीएलडब्ल्यू गजेन्द्र कुमार सिंह व अन्य से ज्यादा वेतन की वसूली का आदेश रद्द किया था। कृषि निदेशक ने ग्रेड पे 2400 से घटाकर 2000 किया था।
झारखंड हाईकोर्ट का नियुक्ति का निर्देश:सामुदायिक स्वास्थ्य स्नातकों को नियुक्ति और 4200 रुपए ग्रेड पे का मिलेगा लाभ

