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जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के भोड़ गांव निवासी टाइल्स मिस्त्री संतोष ताती, जो छह दिनों से लापता थे, उनका शव कर्नाटक के बेंगलुरु रेलवे स्टेशन परिसर से बरामद किया गया है। उनके बड़े भाई धर्मराज ताती ने शव की पहचान की है। जानकारी के अनुसार, संतोष ताती बेंगलुरु में टाइल्स मिस्त्री का काम करते थे। उन्होंने 8 जुलाई की रात करीब 11 बजे अपनी पत्नी क्रांति देवी से आखिरी बार फोन पर बात की थी। संतोष ने बताया था कि वे एसएमवीटी रेलवे स्टेशन से घर लौटने के लिए ट्रेन पकड़ने जा रहे हैं। रात की ट्रेन छूट जाने के कारण उन्होंने 9 जुलाई की सुबह 9:15 बजे वाली ट्रेन से घर आने की बात कही थी। फोन बंद करने की धमकी दी अगली सुबह जब उनकी पत्नी ने संतोष के मोबाइल पर कॉल किया, तो किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन उठाया। उस व्यक्ति ने संतोष से बात कराने से इनकार कर दिया और मोबाइल का पासवर्ड मांगा। पासवर्ड नहीं बताने पर उसने फोन बंद करने की धमकी दी और कुछ देर बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद संतोष से परिवार का संपर्क टूट गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मामले की जांच शुरू काफी तलाश के बाद भी संतोष का कोई पता नहीं चलने पर उनके बड़े भाई धर्मराज ताती उन्हें खोजने बेंगलुरु पहुंचे। वहां रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से जानकारी लेने पर पता चला कि 8 जुलाई की रात करीब दो बजे रेलवे पटरी के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव लावारिस हालत में मिला था। मौत का कारण साफ़ नहीं शव दिखाए जाने पर धर्मराज ताती ने उसकी पहचान अपने भाई संतोष ताती के रूप में की। आरपीएफ ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संतोष की मौत रेलवे दुर्घटना में हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। मृतक संतोष ताती के एक बेटी और दो बेटे हैं। गांव के लोगों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

