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शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर अररिया के प्राचीन सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर में मां महागौरी की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही भक्त मंदिर पहुंचकर मां के दर्शन कर रहे हैं। नवरात्र के आठवें दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल है। इस अवसर पर मां की पूजा के साथ कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है। सफेद वस्त्रों में विराजती हैं मां महागौरी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी का स्वरूप शांत और उज्ज्वल है। उनके वस्त्र और आभूषण सफेद हैं तथा उनका वाहन वृषभ यानी बैल है। अष्टमी के दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने और उन्हें भोजन कराने की परंपरा है। कई स्थानों पर इस दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा और संधि पूजा भी की जाती है। मंदिर के महंत पंडित कृष्णकांत तिवारी के अनुसार, अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु सोमवार सुबह 8 बजकर 15 मिनट के बाद व्रत का पारण करेंगे। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, परेशानियों से मुक्ति की कामना करने वाले भक्त मां को हल्दी अर्पित कर उसे घर ले जा सकते हैं। श्रद्धालु इसे पूजा घर या लॉकर जैसी सुरक्षित जगह पर रखते हैं। मान्यता है कि इससे जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। नेपाल के राजा ने 1902 में कराई थी मंदिर की स्थापना सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर अररिया का एक प्राचीन धार्मिक स्थल होने के साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वर्ष 1902 में नेपाल के राजा ने परमान नदी के किनारे बसंतपुर में इस मंदिर की स्थापना कराई थी। बाद में नदी के कटाव के कारण मंदिर को स्थानांतरित करना पड़ा। फिलहाल मंदिर अपने तीसरे स्थान पर स्थित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 1990 के दशक में भी यह मंदिर राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों के बीच लोकप्रिय था। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत कई राजनीतिक नेता यहां दर्शन करने पहुंच चुके हैं। नवरात्र में मंदिर में जुट रहे श्रद्धालु इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाते हैं।
ठाकुरवाड़ी मंदिर में महागौरी की पूजा को लेकर उमड़ी भीड़:1902 में हुई थी स्थापना, नेपाल के राजा ने परमान नदी के किनारे बसंतपुर में बनवाया था मंदिर
