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बक्सर जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में शराब की बोतलें मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी साहिला ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) से मांगे गए स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा परिवहन विभाग को भेजी गई है। यह मामला 14 मई का है। डीटीओ कार्यालय में शराब रखे होने की सूचना पर नगर थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कार्यालय की सरकारी अलमारी, किचन रूम सहित विभिन्न स्थानों से दर्जनों भरी और खाली शराब की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के बाद जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा के बाद स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए संबंधित विभाग को पत्र भेजा। शराब बरामदगी के बाद तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी राजकुमार प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कार्यालय के एक सिपाही पर शराब सेवन की जानकारी मिलने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस ने किसी नामजद व्यक्ति के बजाय अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी इस बीच, कुछ लोगों ने बरामद बोतलों में मौजूद पदार्थ को नॉन-अल्कोहलिक बताए जाने का दावा किया था। इस पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने स्पष्ट किया था कि बरामद नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने के बाद डीटीओ कार्यालय का शराब कांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, विभागीय जांच के दौरान अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई परिवहन विभाग के निर्णय के बाद तय होगी।


