भास्कर न्यूज|लोहरदगा उपायुक्त संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में श्रम विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें गत समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान डीसी ने पाया कि पंचायतों में आयोजित विशेष शिविरों में श्रमिकों के निबंधन की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसपर उन्होंने श्रम अधीक्षक आंद्रेयास कुल्लू को निर्देश दिया कि जिन पंचायतों में अब तक पर्याप्त संख्या में श्रमिकों का निबंधन नहीं हो सका है वहां शीघ्र विशेष शिविर आयोजित किए जाएं व अधिक से अधिक असंगठित श्रमिकों का निबंधन सुनिश्चित किया जाए। वहीं उन्होंने निर्देश दिया कि शिविरों के दौरान श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए व पात्र श्रमिकों को योजनाओं से आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिविर की तिथि, समय व स्थल की जानकारी पूर्व से ही व्यापक प्रचार प्रसार के माध्यम से आमजनों तक पहुंचाई जाए ताकि अधिकाधिक श्रमिक इसका लाभ उठा सकें। वहीं बैठक में डीसी ने श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए प्रवर्तन गतिविधियों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने लेबर एन्फोर्समेंट अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने व विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में बाल श्रम पर पूर्णतः रोक लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित रूप से होटल, ढाबा, दुकान, प्रतिष्ठान, ईंट-भट्ठा, निर्माण स्थलों व अन्य संभावित स्थानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाए। जहां भी बाल श्रम का मामला सामने आए वहां नियमानुसार त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए जनजागरूकता के साथ कानून का प्रभावी अनुपालन भी आवश्यक है।
डीसी ने श्रमिकों के निबंधन के लिए विशेष शिविर का आयोजन करने का दिया निर्देश
भास्कर न्यूज|लोहरदगा उपायुक्त संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभागार में श्रम विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें गत समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान डीसी ने पाया कि पंचायतों में आयोजित विशेष शिविरों में श्रमिकों के निबंधन की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसपर उन्होंने श्रम अधीक्षक आंद्रेयास कुल्लू को निर्देश दिया कि जिन पंचायतों में अब तक पर्याप्त संख्या में श्रमिकों का निबंधन नहीं हो सका है वहां शीघ्र विशेष शिविर आयोजित किए जाएं व अधिक से अधिक असंगठित श्रमिकों का निबंधन सुनिश्चित किया जाए। वहीं उन्होंने निर्देश दिया कि शिविरों के दौरान श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए व पात्र श्रमिकों को योजनाओं से आच्छादित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिविर की तिथि, समय व स्थल की जानकारी पूर्व से ही व्यापक प्रचार प्रसार के माध्यम से आमजनों तक पहुंचाई जाए ताकि अधिकाधिक श्रमिक इसका लाभ उठा सकें। वहीं बैठक में डीसी ने श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए प्रवर्तन गतिविधियों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने लेबर एन्फोर्समेंट अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने व विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में बाल श्रम पर पूर्णतः रोक लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित रूप से होटल, ढाबा, दुकान, प्रतिष्ठान, ईंट-भट्ठा, निर्माण स्थलों व अन्य संभावित स्थानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाए। जहां भी बाल श्रम का मामला सामने आए वहां नियमानुसार त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए जनजागरूकता के साथ कानून का प्रभावी अनुपालन भी आवश्यक है।


