भोजपुर पुलिस ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में धमकी के आरोपों को खारिज कर दिया है। 8 मिनट 17 सेकंड का वीडियो जारी कर एसपी राज पर मृतक के भाई चंदन तिवारी को धमकाने के आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया है। आधिकारिक बयान में भोजपुर पुलिस ने कहा कि एसपी सिर्फ मृतक भरत तिवारी के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने और मामले के निष्पक्ष जांच के लिए उनका पक्ष जानने के उद्देश्य से उनके आवास पर गए थे। पुलिस का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाना था। पूरे बातचीत के दौरान शाहपुर पुलिस के साथ महिला सिपाही उनके दरवाजे पर मौजूद थीं। मुलाकात के दौरान मृतक के भाई चंदन ने एसपी से भीड़ से अलग हटकर बात करने का इशारा किया गया था, जिसे स्वीकार करते हुए उनसे उसी जगह मात्र 3-4 कदम की दूरी पर बातचीत की गई। जिसमें मृतक के भाई ने सुरक्षा प्रदान करने एवं मामले की निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध किया गया था। भोजपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की धमकी देने या दबाव बनाने का आरोप सरासर गलत है। ऐसा प्रतीत होता है कि चंदन तिवारी द्वारा यह बयान किसी बाहरी तत्व के बहकावे में आकर दिया जा रहा है। पुलिस मृतक भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की छवि को धूमिल करने के प्रयास और ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। अब जानिए भरत के भाई चंदन तिवारी ने क्या आरोप लगाया था मुलाकात के बाद भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने भोजपुर के एसपी राज पर धमकाने, केस उठाने की धमकी देने का आरोप लगाया था। चंदन तिवारी ने कहा था, ‘बुधवार (24 जून) की रात एसपी अपनी पूरी टीम के साथ अचानक मेरे घर आए और अंदर घुस गए, वे किसके परमिशन से अंदर घुसे? जब एसपी राज अपनी पूरी टीम के साथ मेरे घर आए थे, तो घर पर मात्र चार लोग थे। मैं, मेरी पत्नी और मेरे माता-पिता थे। इसके अलावा अंदर कोई नहीं था, किसी भी गांववाले को अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा था, मतलब एसपी अपनी पूरी टीम के साथ क्या करने आए थे।
रिटायर्ड जज नहीं, HC के वर्तमान जज से जांच कराई जाए एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी चंदन ने कहा, भरत एनकाउंटर की जांच रिटायर्ड जज नहीं बल्कि पटना हाई कोर्ट के वर्तमान जज से कराई जाए। एनकाउंटर मामले को दबाने को कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं पुलिस के प्रभाव में आकर दबने वाला नहीं हूं, जनता भी सारी सच्चाई जान चुकी है। पुलिस को इस एनकाउंटर का रिजल्ट देना पड़ेगा।
पुलिस ने FIR से पिता-भाई का नाम हटाया भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने भाई चंदन तिवारी और पिता काशीनाथ तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन गुरुवार को पुलिस ने दोनों का नाम FIR से हटा दिया है। पुलिस ने उन्हें हथियार रखने और भरत तिवारी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए धारा-132/109(1)/351(2)/352,3(5)BNS 2023 और 25(9)/27/35 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। वहीं, एनकाउंटर के 8वें दिन गुरुवार को सीएम सम्राट चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा है कि समस्या यदि सामने आती है तो सरकार तुरंत चिंतित होकर आगे बढ़ेगी। सरकार ने सबसे ऊपर के आयोग का गठन किया है। जो गलत होगा उस पर कार्रवाई होगी। जांच के लिए पहुंचे रिटायर्ड जज इधर, भरत तिवारी मुठभेड़ की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। गुरुवार सुबह रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा अपनी टीम के साथ भरत तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचे। उनके साथ शाहबाद रेंज के DIG सत्य प्रकाश, भोजपुर के DM तनय सुल्तानिया, भोजपुर के SP राज समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा ने भरत तिवारी के माता-पिता और भाई से भी मुलाकात की है। साथ ही वारदात से जुड़े जगहों का निरीक्षण किया। रिटायर्ड जज के पहुंचने की कुछ तस्वीरें देखिए… अब भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की कहानी जानिए भरत भूषण तिवारी 17 जून को फेसबुक लाइव आया था कि वो सुनसान इलाके में खड़ा है। उसके सामने पुलिस और एसटीएफ की टीम खड़ी है। भरत के दोनों ओर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने भोजपुर पुलिस के जवान हथियार लेकर खड़े हैं। खुद भरत इस बात का जिक्र करता है। वो खुद को निर्दोष बताते हुए कहता है कि मैं कोई मुजरिम नहीं हूं, इसके बावजूद एसटीएफ के साथ भोजपुर पुलिस टीम मुझे पकड़ने आई है। वीडियो के आखिर में भरत भूषण पुलिस की ओर हथियार फेंकता है और खुद को सरेंडर कर फेसबुक लाइव बंद कर देता है। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली मारी गई। भरत तिवारी एनकाउंटर केस में अबतक क्या-क्या हुआ

