
पटना. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) की ओर से आयोजित पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का भी पेपर लीक किया गया था. आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) के विशेष जांच दल (एसआइटी) की जांच में पूर्णिया के एक परीक्षा केंद्र से दो प्रश्न पुस्तिकाएं परीक्षा शुरू होने के बाद अनधिकृत रूप से बाहर भेजे जाने और सॉल्वर गैंग की मदद से उनके उत्तर तैयार कराने के साक्ष्य मिले हैं. इस मामले में इओयू थाने में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
केंद्राधीक्षक की भूमिका संदिग्ध
जांच में पूर्णिया सिटी स्थित आरपीसी हाई स्कूल के केंद्राधीक्षक मोहम्मद मुज्जफर आलम और कार्यालय कर्मी विवेक कुमार की भूमिका सामने आयी है. इसके अलावा दोनों प्रश्न पुस्तिकाओं की तस्वीर खींचने और प्रश्नों के उत्तर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने वाले अज्ञात व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है. इओयू की जांच के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को प्रथम पाली की परीक्षा शुरू होने के बाद अभ्यर्थी रूपेश कुमार (रोल नंबर 5141060225) से संबंधित प्रश्न पुस्तिका संख्या 51212241 की प्रति केंद्र से बाहर भेजी गयी.
दोनों छात्र परीक्षा में सफल रहे
वहीं, द्वितीय पाली में अभ्यर्थी नरेश कुमार से संबंधित प्रश्न पुस्तिका संख्या 52212038 को भी कथित तौर पर बाहर भेजकर उसके उत्तर तैयार कराये गये. जांच में सामने आया है कि दोनों अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए हैं. रूपेश कुमार मुख्य परीक्षा में भी उत्तीर्ण हुआ है. ईओयू ने दोनों के विरुद्ध उचित कार्रवाई के लिए आयोग को अनुशंसा भेजने की बात कही है.
सीटिंग प्लान और ड्यूटी चार्ट में गड़बड़ी
एसआइटी ने आयोग से प्राप्त जवाब और अभिलेखों, सीसीटीवी फुटेज, केंद्राधीक्षक एवं वीक्षकों से पूछताछ, उनके स्वलिखित बयानों तथा सीटिंग प्लान और ड्यूटी चार्ट की जांच की. इसमें परीक्षा कक्ष में वास्तविक सीटिंग प्लान से अलग व्यवस्था करने, आयोग के निर्धारित मानकों से हटकर परीक्षार्थियों को बैठाने और वीक्षकों की मनमाने तरीके से प्रतिनियुक्ति करने के साक्ष्य मिले हैं.
गलत प्रतिवेदन आयोग को सौंपा
जांच के मुताबिक, केंद्राधीक्षक ने कथित तौर पर गलत प्रतिवेदन आयोग को सौंपा, जबकि कार्यालय कर्मी विवेक कुमार पर ड्यूटी चार्ट पर गलत तरीके से हस्ताक्षर कराने का आरोप है. जांच एजेंसी के अनुसार, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा शुरू होने से पहले भंग होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं. दोनों प्रश्न पुस्तिकाएं परीक्षा शुरू होने के बाद केंद्र से बाहर भेजी गयीं.
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कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज
ईओयू ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(2), 61(2), 112 और 3(5) और बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 3, 10 और 11(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. मामला अनुसंधान के अधीन है. एसआइटी ने अब तक की जांच का तथ्यात्मक प्रतिवेदन आगे की कार्रवाई के लिए आयोग को उपलब्ध कराया है. प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नपत्र वायरल होने से संबंधित अन्य शिकायतों की जांच भी जारी है.
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