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राजधानी रांची के सबसे बड़े छठ घाट धुर्वा डैम पर इस बार आस्था के महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। डैम के किनारे करीब 3.5 किलोमीटर के दायरे में आने-जाने के लिए लगभग 60 संकरे कट बने हैं। सड़क से नीचे पानी तक उतरने और पूजा के बाद वापस चढ़ने के दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मौजूदा स्थिति यह है कि अर्घ्य के समय जब एक साथ हजारों श्रद्धालु सिर पर पूजा का दउरा लिए सड़क से पानी की तरफ उतरेंगे और अर्घ्य देकर वापस सड़क की ओर चढ़ेंगे, तब इन संकरे रास्तों पर भारी दबाव बनेगा। ऐसे में यदि धक्के या फिसलन के कारण कोई एक व्यक्ति भी गिरता है, तो उसके पीछे आ रहे कई अन्य श्रद्धालु भी गिरकर चोटिल हो सकते हैं। इसे लेकर मंगलवार को डैम साइड छठ पूजा समिति के नीतीश कुमार व वार्ड पार्षद शीला देवी के नेतृत्व में समिति का एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन से मांग की गई है कि इस खतरे को देखते हुए महापर्व शुरू होने से पहले त्वरित कदम उठाए जाएं। इसके समाधान के रूप में दो विकल्प सुझाए गए हैं-पहला, वर्तमान बैरिकेडिंग के कुछ हिस्सों को काटकर रास्तों को पर्याप्त रूप से चौड़ा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की कतार सुचारु रूप से चल सके। दूसरा, यदि तकनीकी कारणों से रास्तों को चौड़ा करना संभव न हो, तो प्रत्येक कट पर कम-से-कम दो पुलिस या ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती की जाए, जो भीड़ के प्रवाह को नियंत्रित करें और धक्का-मुक्की न होने दें। डैम का जलस्तर अधिक, दउरा रखने में हो सकती है दिक्कत डैम में पानी का स्तर बढ़ा हुआ होने के कारण श्रद्धालुओं को दउरा रखने और पूजा करने के लिए पर्याप्त समतल जगह नहीं मिल पा रही है। डैम साइड छठ पूजा समिति ने सुझाव दिया है कि यदि संबंधित विभाग द्वारा डैम का जलस्तर 1-2 फीट तक कम कर दिया जाए, तो व्रतियों को अर्घ्य देने और पूजा सामग्री रखने में सुविधा होगी तथा ढलान पर फिसलने का खतरा भी कम हो सकता है। पिछले वर्ष पानी में लगाई गई बांस की बैरिकेडिंग पर्याप्त मजबूत नहीं थी, जिसके कारण बांस खुलकर पानी में बह गए थे। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता उत्पन्न हुई थी। इस वर्ष पानी के किनारे मजबूत व टिकाऊ बांस की बैरिकेडिंग कराई जाए। साथ ही, बैरिकेडिंग की मजबूती की नियमित जांच भी सुनिश्चित की जाए। नगर आयुक्त ने 4 घाटों का किया निरीक्षण, धुर्वा डैम पर मजबूत बैरिकेडिंग के निर्देश मंगलवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम की टीम के साथ धुर्वा डैम, तिरिल छोटा डैम, जगन्नाथपुर तालाब और हेसाग तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों की साफ-सफाई, जलस्तर, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को पर्व से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया। नगर आयुक्त ने छठ पूजा समितियों से घाटों की स्वच्छता और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने सभी अंचल कार्यालयों की टीमों को अपने क्षेत्रों के छठ घाटों पर नियमित निगरानी रखने और सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षदों, सहायक नगर आयुक्त, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, नगर प्रबंधक, अंचल कार्यालयों की टीम, जोनल एवं वार्ड सुपरवाइजर और छठ पूजा समितियों के सदस्य उपस्थित थे। धुर्वा डैम में कई खतरनाक गड्ढे, चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की डैम परिसर में पार्क की अंतिम सीमा से लगभग 70 मीटर तक के क्षेत्र में जानलेवा गड्ढा होने तथा पानी की गहराई 20 फीट से अधिक होने की जानकारी है। यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए खतरनाक हो सकता है। संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कराकर पूरे जोखिम वाले हिस्से की मजबूत व सुरक्षित घेराबंदी कराई जाए, ताकि श्रद्धालु वहां प्रवेश न कर सकें। इसके अतिरिक्त, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया जाए कि वे सक्रिय रूप से लोगों को उस क्षेत्र में जाने व वहां पूजा करने से रोकें। सभी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराया जाए और आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था की जाए।
धुर्वा डैम के किनारे फेंसिंग:सड़क से छठ घाट तक उतरना चुनौती, भीड़ बढ़ने पर संकरे कट्स पर फंसने और गिरने का खतरा
