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यूपी एटीएस द्वारा टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू के एनकाउंटर के विरोध में नक्सलियों के तीन दिवसीय बंद का असर चतरा में दिख रहा है। इस बंद के कारण चतरा में बसों के पहिए थम गए हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। टीएसपीसी ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताया है। संगठन ने आज यानी 24 सितंबर से झारखंड के सात जिलों में बंद बुलाया है। यह बंद तीन दिनों तक चलेगा। बंद के खौफ से चतरा बस स्टैंड पर सन्नाटा छाया हुआ है। चतरा से हजारीबाग, रांची, कोडरमा, लोहरदगा समेत बिहार के गया, औरंगाबाद और पटना जाने वाली सभी बसों का परिचालन पूरी तरह बंद है। बस स्टैंड पर कई यात्री फंसे हुए हैं। वे ऑटो-टोटो के सहारे इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। बनारस से आए यात्री कौशल कुमार ने बताया कि उन्हें बंद की जानकारी नहीं थी, इसलिए वे यहां फंस गए हैं। ब्रजेश गंझू के पैतृक गांव लावालौंग में भी बसें बंद हैं। हालांकि, वहां ज्यादातर दुकानें खुली हुई हैं। इस बीच, एसपी ने बस मालिकों और चालकों से बिना डरे बसें चलाने की अपील की है। टीएसपीसी के जोनल कमांडर नथुनी ने दावा किया है कि ब्रजेश गंझू को 16 सितंबर को ही केरेडारी जंगल से पकड़ लिया गया था और 20 सितंबर को वाराणसी ले जाकर एक सुनियोजित मुठभेड़ में उनकी हत्या कर दी गई। संगठन ने इस कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। बसों के रोके जाने पर चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने कड़ा संज्ञान लिया है। एसपी ने आम लोगों और बस चालकों से अपील करते हुए कहा कि संगठन के पास अब नक्सली नहीं बचे हैं, इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है। चतरा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। बस चालक निर्भीक होकर परिचालन शुरू करें। बता दें कि सातों जिलों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
नक्सली बंद से चतरा में बसों का पहिया थमा:ब्रजेश गंझू एनकाउंटर के विरोध में 7 जिलों में 3 दिन का बंद, यात्री परेशान

