भारतीय सेना में देश की रक्षा करने वाले सैनिक रजनीश बैद्य ने मानव सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। केतार प्रखंड के केतरी गांव निवासी कमलेश बैद्य के छोटे पुत्र रजनीश वर्तमान में भारतीय सेना के हैदराबाद क्षेत्र में पदस्थापित हैं। उन्होंने ‘नर सेवा नारायण सेवा’ की भावना से प्रेरित होकर हैदराबाद स्थित स्फूर्ति ज्योति फाउंडेशन में रह रहे अनाथ और दृष्टिहीन बच्चों के लिए एक दिन के भोजन की व्यवस्था की। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं बच्चों को अपने हाथों से भोजन कराया। रजनीश बैद्य ने कहा कि समाज में आपसी वैमनस्यता बढ़ने के दौर में जरूरतमंदों के प्रति संवेदना और सेवा की भावना को मजबूत करना बेहद जरूरी है। धरती पर सभी जीवों को समान आदर और सम्मान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। मानव सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। विदित हो कि स्फूर्ति ज्योति फाउंडेशन वर्ष 2005 से हैदराबाद के रंगारेड्डी जिले के इब्राहिमपट्टनम कस्बे में संचालित है। संस्था अनाथ व दृष्टिहीन बच्चों की देखभाल के साथ उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य करती है। संस्था को विभिन्न स्तरों पर सम्मान एवं सहयोग भी प्राप्त हुआ है। इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए रजनीश बैद्य ने अपने तन, मन और धन से बच्चों की सहायता की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश के साथ-साथ विदेशों में भी अवसर मिलने पर उन्होंने सेवा कार्यों में सहभागिता की है। उनका जीवन देश और देशवासियों की सेवा के लिए समर्पित है। रजनीश जब भी अवकाश में अपने पैतृक गांव आते हैं, जरूरतमंदों की सहायता में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने अपने जीवन में कई बार रक्तदान कर गंभीर रूप से बीमार लोगों की मदद भी की है। सैनिक रजनीश बैद्य की सेवा भावना की उनके पैतृक गांव के लोगों के साथ-साथ जिलेवासियों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि देश की रक्षा के साथ मानवता की सेवा का उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है।

