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नवादा में कांग्रेस ने वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रभाकर झा की देखरेख में आयोजित हुआ। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं और शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया। डॉ. संजय यादव ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान लंबे समय से लंबित है। डॉ. यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने नेताओं पर चुनाव के दौरान वोट मांगने और बाद में शिक्षकों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करना और वित्त रहित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थानों का समायोजन करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा की भी मांग की गई। सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए पेंशन की मांग की आंदोलनकारियों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की मांग की। उन्होंने दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी अपील की। इसके साथ ही, वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने की मांग भी उठाई गई। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों, प्राचार्यों, छात्रों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा प्रेमियों से इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
