बिहार थाना क्षेत्र के सूफी नगर मोहल्ले में बीते 23 अप्रैल को हुई चर्चित गोलीबारी की घटना का पुलिस ने पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने बताया कि रिमांड के दौरान मुख्य आरोपित बेचू मियां उर्फ लंगड़ा और मन्नू ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और पूरी घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी है। 23 अप्रैल को बदमाशों ने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर मोहम्मद सोहन और उनके पुत्र अली फरहान को लहूलुहान कर दिया था। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान अगले दिन मोहम्मद सोहन ने दम तोड़ दिया, जबकि उनके बेटे अली फरहान की स्थिति में सुधार होने के बाद उनकी जान बच गई। वारदात के बाद से ही पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिसिया दबिश और घेराबंदी के कारण मुख्य आरोपितों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ शुरू की। थाना अध्यक्ष बोले- हत्याकांड की मुख्य वजह जमीन विवाद था थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस हत्याकांड की मुख्य वजह जमीन का विवाद था। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि बड़ी दरगाह इलाके के समीप स्थित एक जमीन को लेकर मोहम्मद सोहन और मोहम्मद एहतिशाम के बीच खींचतान चल रही थी। एहतिशाम चाहता था कि सोहन उस जमीन को न बेचे और इसके लिए उसने बेचू मियां को सोहन को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बदले में बेचू को मुनाफे के तौर पर 80 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बेचू की ओर से बार-बार मना किए जाने के बावजूद जब सोहन ने जमीन बेच दी, तो विवाद चरम पर पहुंच गया। घटना वाले दिन इसी बात को लेकर तीखी बहस हुई और नशे की हालत में धुत बेचू ने सोहन पर गोली चला दी, जिससे यह दुखद घटना घटी। थानाध्यक्ष ने पुष्टि की है कि आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में शामिल हथियार को जब्त कर लिया गया है और मामले में संलिप्त अन्य कड़ियों की जांच के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नालंदा में जमीन विवाद में हुई थी सोहन की हत्या:23 अप्रैल को बदमाशों ने अंधाधुन फायरिंग कर पिता-पुत्र को मारी थी गोली, बेटे का इलाज जारी
बिहार थाना क्षेत्र के सूफी नगर मोहल्ले में बीते 23 अप्रैल को हुई चर्चित गोलीबारी की घटना का पुलिस ने पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने बताया कि रिमांड के दौरान मुख्य आरोपित बेचू मियां उर्फ लंगड़ा और मन्नू ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और पूरी घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी है। 23 अप्रैल को बदमाशों ने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर मोहम्मद सोहन और उनके पुत्र अली फरहान को लहूलुहान कर दिया था। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान अगले दिन मोहम्मद सोहन ने दम तोड़ दिया, जबकि उनके बेटे अली फरहान की स्थिति में सुधार होने के बाद उनकी जान बच गई। वारदात के बाद से ही पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिसिया दबिश और घेराबंदी के कारण मुख्य आरोपितों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ शुरू की। थाना अध्यक्ष बोले- हत्याकांड की मुख्य वजह जमीन विवाद था थानाध्यक्ष सम्राट दीपक ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस हत्याकांड की मुख्य वजह जमीन का विवाद था। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि बड़ी दरगाह इलाके के समीप स्थित एक जमीन को लेकर मोहम्मद सोहन और मोहम्मद एहतिशाम के बीच खींचतान चल रही थी। एहतिशाम चाहता था कि सोहन उस जमीन को न बेचे और इसके लिए उसने बेचू मियां को सोहन को रोकने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बदले में बेचू को मुनाफे के तौर पर 80 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बेचू की ओर से बार-बार मना किए जाने के बावजूद जब सोहन ने जमीन बेच दी, तो विवाद चरम पर पहुंच गया। घटना वाले दिन इसी बात को लेकर तीखी बहस हुई और नशे की हालत में धुत बेचू ने सोहन पर गोली चला दी, जिससे यह दुखद घटना घटी। थानाध्यक्ष ने पुष्टि की है कि आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में शामिल हथियार को जब्त कर लिया गया है और मामले में संलिप्त अन्य कड़ियों की जांच के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


