![]()
पर्यटन नगरी राजगीर के वेणुवन, जयप्रकाश उद्यान और घोड़ा कटोरा समेत अलग-अलग जगहों पर कई साल से कार्यरत दैनिक वन श्रमिकों को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निकाले गए श्रमिकों ने वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों पर मनमानी, शोषण और दुर्भावना से कार्यमुक्त करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके विरोध में बिहार राज्य पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वन श्रमिक संघ ने मोर्चा खोलते हुए आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है। 26 दिन के वेतन पर 30 दिन ड्यूटी करने का दबाव पीड़ित श्रमिकों के अनुसार, पिछले 10 से 25 वर्षों से लगातार विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। वन श्रमिक संघ के अध्यक्ष कमता राजवंशी ने बताया कि 2003 से काम कर रहा हूं। हाल ही में सम्राट जरासंध स्मारक के पास एक टांगा वाले से जुड़े विवाद के बहाने उन्हें अचानक काम से हटा दिया गया। वहीं, 1998 से कार्यरत एक अन्य कर्मी ने आरोप लगाया कि उन पर 26 दिन के वेतन पर 30 दिन ड्यूटी करने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर रेंज अफसर के निर्देश का हवाला देकर कार्य से बाहर कर दिया गया। कर्मियों का कहना है कि करीब 11-12 पुराने श्रमिकों को इसी तरह बिना किसी ठोस कारण के सेवामुक्त कर दिया गया है। अधिकारियों और चहेते कर्मियों पर शोषण का आरोप जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने वन क्षेत्र पदाधिकारी और उनके नजदीकी कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि गरीब दैनिक मजदूर आग बुझाने, रात्रि ड्यूटी व प्रतिकूल परिस्थितियों में लगातार काम करते रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो सुरक्षा संसाधन दिए जाते हैं और न ही अतिरिक्त कार्य की मजदूरी। आरोप है कि पुराने श्रमिकों को प्रताड़ित कर हटाया जा रहा है और कथित तौर पर पैसे लेकर नई बहालियां की जा रही हैं। मांगें पूरी न होने पर मशाल जुलूस और धरना की चेतावनी श्रमिक संघ ने मांग की है कि सभी निष्कासित दैनिक मजदूरों को उनके पूर्व कार्यस्थल पर तत्काल बहाल किया जाए, अतिरिक्त कार्य का उचित भुगतान मिले। पहचान पत्र और अन्य देय सुविधाएं प्रदान की जाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो 28 सितंबर को राजगीर वन क्षेत्र में मशाल जुलूस निकाला जाएगा और 29 सितंबर से वेणुवन गेट पर 24 घंटे का धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग प्रशासन की होगी।
नालंदा में वन कर्मियों का हटाने पर फूटा गुस्सा:श्रमिक संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी; अधिकारियों पर प्रताड़ित और शोषण का आरोप
