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सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। टू-टैंक गार्डन के पास विस्थापित अप्रेंटिस संघ का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। प्रबंधन और प्रशासन की ओर से मांगों पर ठोस पहल नहीं होने से नाराज आंदोलनकारियों ने स्टील गेट नंबर-9 और दुगल गेट नंबर-10 को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का ऐलान करते हुए धरना शुरू कर दिया है। साथ ही गेट नंबर-3, 4, 5, सीजेड गेट और मनसा सिंह गेट को भी बंद करने की चेतावनी दी गई है। इससे संयंत्र के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अरुण कुमार महतो ने कहा कि छह दिनों से आमरण अनशन जारी है, लेकिन बीएसएल प्रबंधन और प्रशासन मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापित अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध तरीके से अन्य गेट भी बंद किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर पूरे प्लांट का कामकाज ठप करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं आमरण स्थल पर बोकारो विधायक श्वेता सिंह, सांसद प्रतिनिधि एंजेला सिंह, रघुनाथ महतो सहित दर्जनों विस्थापित मौजूद रहे। 1500 अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं को नियोजन देने की मांग आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग 1500 विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की बहाली, चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में पूर्व की आरक्षण व्यवस्था बहाल करने और स्पष्ट नियोजन नीति बनाने की है। कहा कि जिन परिवारों ने प्लांट के लिए अपनी जमीन दी, उनके युवाओं को रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने से युवाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सक्रिय नेता सुनील कुमार ने कहा कि विस्थापितों के लिए स्पष्ट नियोजन नीति चाहते हैं।
नौकरी की मांग पर विस्थापितों का आंदोलन तेज, बीएसएल के दो गेट अनिश्चितकाल के लिए बंद
