प्रवीण राय| गिरिडीह न पुलिस का डर न जान जाने का भय, चलती मालगाड़ियों से कोयला उतारने का यह दृश्य गिरिडीह सीसीएल कोलियरी क्षेत्र रलवे साइडिंग में आम है। रेलवे रैक से बेखौफ दिनदहाड़े कोयला चोरी हो रही है। खड़ी और चलती मालगाड़ियों की बोगियों पर चढ़कर चोर कोयला नीचे गिराते हैं। फिर जमीन पर मौजूद लोग बोरा, टोकरीे और छोटे वाहनों से इसे उठाकर सुरक्षित जगह पहुंचाते हैं। इसके बाद डंप कोयले की संगठित गिरोह के माध्यम से तस्करी होती है। जिले में चल रहे ईंट भट्ठों में भी यही कोयला इस्तेमाल होता है। खुलेआम हो रहे इस आर्थिक अपराध को रोक पाने में सीसीएल प्रबंधन व पुलिस फेल साबित हो रहे हैं । इससे कंपनी को हर माह लाखों रुपए के राजस्व की क्षति हो रही है। बता दें कि गिरिडीह कोलियरी से रेलवे रैक के माध्यम से जरिए विभिन्न बिजली ताप परियोजनाओं और कारखानों को कोयला भेजा जाता है। लेकिन, कोयला का एक बड़ा हिस्सा चोरी हो रहा है। रेलवे साइडिंग और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर इस वारदात को अंजाम दिया जा रहा है, जिसमें महिला-पुरुष मिलाकर 200 से अधिक लोग शामिल होते हैं। मालगाड़ियों से कोयला चोरी का यह खेल वर्षों से चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस दिन साइडिंग से लोड मालगाड़ी निकलती है, उस दिन अलग-अलग जगहों से 40 टन के करीब कोयला गायब होता है। वीडियो देखने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करें। सुरक्षा गार्डों पर होते रहे हैं हमले, चोरों से कई बार हो चुकी है झड़प चोरी रोकने के दौरान सीसीएल कर्मियों और चोरी में लगे लोगों के बीच कई बार झड़प भी हो चुकी है। सुरक्षा कर्मियों पर पथराव व हमले भी हुए हैं। सुरक्षा में तैनात गार्ड को भी जख्मी किया जा चुका है। पिछले दिनों हुए झड़प में दिलीप दास नामक एक युवक की मौत भी हो चुकी है। सीसीएल प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कोयला चोरी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि रेलवे साइडिंग में कई अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। मुफ्फसिल थाना पुलिस से भी समय-समय पर सहयोग लिया जा रहा है। बावजूद चोरी पर रोक नहीं लग पा रही है। बंद हो सकता है कोयले का डिस्पैच: महाप्रबंधक एरिया महाप्रबंधक गिरीश कुमार राठौर ने बताया कि सीपी साइडिंग से प्रतिदिन एक रैक कोयला भेजा जाता है और इसी दौरान चोरी हो रही है। इससे सीसीएल, रेलवे और पावर प्लांट को भारी नुकसान हो रहा है। पुलिस व सीसीएल को साथ मिलकर सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत है। यदि यही स्थिति बने रही तो आने वाले दिनों में कोयला डिस्पैच बंद करना पड़ सकता है। ये चोरी खतरनाक,फिर भी बाज नहीं आ रहे चोर: पीओ गिरिडीह कोलियरी के पीओ जीएस मीणा ने कहा कि चलती मालगाड़ी से कोयला चोरी खतरनाक है। लोगों की जान भी जा सकती है। फिर भी लोग चलती रैक पर चढ़कर कोयला उतार रहे हैं।
न जान का भय, न पुलिस का डर; दिनदहाड़े चलती मालगाड़ी से कोयला उतारते हैं तस्कर
प्रवीण राय| गिरिडीह न पुलिस का डर न जान जाने का भय, चलती मालगाड़ियों से कोयला उतारने का यह दृश्य गिरिडीह सीसीएल कोलियरी क्षेत्र रलवे साइडिंग में आम है। रेलवे रैक से बेखौफ दिनदहाड़े कोयला चोरी हो रही है। खड़ी और चलती मालगाड़ियों की बोगियों पर चढ़कर चोर कोयला नीचे गिराते हैं। फिर जमीन पर मौजूद लोग बोरा, टोकरीे और छोटे वाहनों से इसे उठाकर सुरक्षित जगह पहुंचाते हैं। इसके बाद डंप कोयले की संगठित गिरोह के माध्यम से तस्करी होती है। जिले में चल रहे ईंट भट्ठों में भी यही कोयला इस्तेमाल होता है। खुलेआम हो रहे इस आर्थिक अपराध को रोक पाने में सीसीएल प्रबंधन व पुलिस फेल साबित हो रहे हैं । इससे कंपनी को हर माह लाखों रुपए के राजस्व की क्षति हो रही है। बता दें कि गिरिडीह कोलियरी से रेलवे रैक के माध्यम से जरिए विभिन्न बिजली ताप परियोजनाओं और कारखानों को कोयला भेजा जाता है। लेकिन, कोयला का एक बड़ा हिस्सा चोरी हो रहा है। रेलवे साइडिंग और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर इस वारदात को अंजाम दिया जा रहा है, जिसमें महिला-पुरुष मिलाकर 200 से अधिक लोग शामिल होते हैं। मालगाड़ियों से कोयला चोरी का यह खेल वर्षों से चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस दिन साइडिंग से लोड मालगाड़ी निकलती है, उस दिन अलग-अलग जगहों से 40 टन के करीब कोयला गायब होता है। वीडियो देखने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करें। सुरक्षा गार्डों पर होते रहे हैं हमले, चोरों से कई बार हो चुकी है झड़प चोरी रोकने के दौरान सीसीएल कर्मियों और चोरी में लगे लोगों के बीच कई बार झड़प भी हो चुकी है। सुरक्षा कर्मियों पर पथराव व हमले भी हुए हैं। सुरक्षा में तैनात गार्ड को भी जख्मी किया जा चुका है। पिछले दिनों हुए झड़प में दिलीप दास नामक एक युवक की मौत भी हो चुकी है। सीसीएल प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कोयला चोरी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि रेलवे साइडिंग में कई अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। मुफ्फसिल थाना पुलिस से भी समय-समय पर सहयोग लिया जा रहा है। बावजूद चोरी पर रोक नहीं लग पा रही है। बंद हो सकता है कोयले का डिस्पैच: महाप्रबंधक एरिया महाप्रबंधक गिरीश कुमार राठौर ने बताया कि सीपी साइडिंग से प्रतिदिन एक रैक कोयला भेजा जाता है और इसी दौरान चोरी हो रही है। इससे सीसीएल, रेलवे और पावर प्लांट को भारी नुकसान हो रहा है। पुलिस व सीसीएल को साथ मिलकर सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत है। यदि यही स्थिति बने रही तो आने वाले दिनों में कोयला डिस्पैच बंद करना पड़ सकता है। ये चोरी खतरनाक,फिर भी बाज नहीं आ रहे चोर: पीओ गिरिडीह कोलियरी के पीओ जीएस मीणा ने कहा कि चलती मालगाड़ी से कोयला चोरी खतरनाक है। लोगों की जान भी जा सकती है। फिर भी लोग चलती रैक पर चढ़कर कोयला उतार रहे हैं।
