Saturday, October 17, 2026
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पटना में डोमिनोज-मैकडॉनल्ड्स में रेड, 160 पिज्जा खराब मिले:स्वास्थ्य विभाग ने नष्ट कराए 32 हजार के पिज्जा, जहां बनाए जा रहे थे वहां गंदगी मिली


पटना में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज में निरीक्षण किया। इस दौरान डोमिनोज के 2 आउटलेट में करीब 160 पिज्जा खराब मिले। जिन्हें नष्ट करा दिया गया। इनकी कीमत करीब 32 हजार रुपए बताई गई है। वहीं, मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज के प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, कीट नियंत्रण, खाद्य पदार्थों के भंडारण और जरूरी रिकॉर्ड रखने में कई कमियां सामने आईं। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य सुरक्षा-मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुधार के लिए 14 दिनों का नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई की जानकारी विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर दी है। कदमकुआं के आउटलेट में 50 खराब पिज्जा मिले खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर 17 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पटना के कदमकुआं और कंकड़बाग स्थित डोमिनोज के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान लोहिया नगर, कंकड़बाग स्थित आउटलेट में करीब 110 खराब पिज्जा मिले, जबकि कदमकुआं के एम्बिशन ओझा प्लाजा स्थित आउटलेट में करीब 50 खराब पिज्जा पाए गए। निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में ड्रेनेज सिस्टम, कटिंग बोर्ड और शेल्फ की साफ-सफाई में कमियां मिलीं। डीप फ्रीजर में तापमान की निगरानी से संबंधित लॉग बुक भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा, स्टोर में कच्चे माल का रिकॉर्ड नहीं रखा गया था। अधिकारियों ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थ अलग रखने का निर्देश डोमिनोज के प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और रखरखाव को लेकर भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने वेज-नॉनवेज खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने और कच्चे-पके हुए खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से संभालने को कहा। इसके अलावा, कुछ जगहों पर पानी जमा होने और ग्राहकों के इस्तेमाल के लिए रखी गई सॉस की बोतलों की सफाई नहीं मिली। कीट नियंत्रण से संबंधित रिपोर्ट में निर्धारित तिथि का उल्लेख भी नहीं था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने ड्रेनेज सिस्टम में सुधार करने, खाद्य पदार्थों की सुरक्षित भंडारण व्यवस्था करने और तापमान की नियमित निगरानी का रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया। साथ ही, मेन्यू कार्ड पर खाद्य पदार्थों से संबंधित एलर्जी की चेतावनी प्रदर्शित करने को भी कहा गया है। मैकडॉनल्ड्स में खुला मिला कचरे का डिब्बा पटना के ईस्ट गांधी मैदान स्थित मैकडॉनल्ड्स फैमिली रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान भंडार गृह की साफ-सफाई संतोषजनक मिली और कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र भी उपलब्ध थे। हालांकि, कचरे का डिब्बा खुला पाया गया। मुख्य दरवाजे पर कीट नियंत्रण के लिए एंटीसेप्टिक डोरमैट की व्यवस्था भी नहीं थी। इसके अलावा, सार्वजनिक मेन्यू कार्ड पर खाद्य पदार्थों से संबंधित एलर्जी की चेतावनी उपलब्ध नहीं थी। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालक को 7 दिनों में स्वच्छता संबंधी कमियों को दूर करने, कचरे के डिब्बे को ढंककर रखने और कीट नियंत्रण की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान मस्टर्ड सॉस का एक नमूना भी जांच के लिए संग्रहित किया गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी किया गया है। 14 दिनों में कमियां दूर नहीं हुई तो लाइसेंस पर कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय सीमा में सभी कमियों को दूर करने और सुधार से संबंधित अनुपालन का प्रमाण कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा-मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। इसके तहत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, कीट नियंत्रण और तापमान की नियमित निगरानी जैसी व्यवस्थाएं करनी होती है। क्वालिटी से समझौता नहीं किया जाएगा स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनकी तैयारी, रखरखाव और भंडारण की व्यवस्था की भी जांच जा रही है। पनाश होटल से 10 किलो खराब चिकन-मटन मिला था इससे पहले पटना के पिस्ता हाउस, पाइरेट्स ऑफ ग्रिल, होटल गर्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एक्सोटिका, द पनाश, होटल मौर्या और लेमन ट्री समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई थी। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया था। जिन होटलों में कमियां मिलीं, उन्हें सुधार करने के निर्देश दिए गए। कई प्रतिष्ठानों को 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस भी जारी किया गया। पिस्ता हाउस में 58.5 किलो खाद्य सामग्री जब्त किया था एसपी वर्मा रोड स्थित पिस्ता हाउस में जांच के दौरान 15 किलो ड्राइड चेरी, 42 किलो ड्राइड पाइनएप्पल, 32 किलो ड्राइड जिंजर और 7.5 किलो डेट्स पेस्ट जब्त किए गए थे। इनकी कुल मात्रा 96.5 किलो थी, जबकि उपलब्ध विभागीय विवरण में कुल जब्ती 58.5 किलो बताई गई थी। इसलिए जब्ती की कुल मात्रा की आधिकारिक पुष्टि जरूरी थी। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य 56,400 रुपए बताया गया था। डेट्स पेस्ट की पैकेजिंग पर गलत ब्रांडिंग और आयातित खाद्य पदार्थों पर जरूरी जानकारी नहीं होने की कमी मिली थी। इसके अलावा, एक्सपायरी पाए जाने पर एमडीएच तंदूरी मसाला के 66 पैकेट और गरम मसाला के 51 पैकेट नष्ट कराए गए। इनकी कीमत क्रमशः 6,468 और 5,559 रुपए बताई गई थी। जांच में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे जाने, फ्रीजर में पर्याप्त रोशनी नहीं होने, कीट नियंत्रण की व्यवस्था और पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने जैसी कमियां भी मिली थीं। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र नहीं दिखाए गए। जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया गया। पाइरेट्स ऑफ ग्रिल से मसाले जब्त एसपी वर्मा रोड स्थित पाइरेट्स ऑफ ग्रिल में जांच के दौरान 5 किलो लाल मिर्च पाउडर, 5 किलो धनिया पाउडर और सोंठ पाउडर के 3 पैकेट जब्त किए गए। विभागीय विवरण में इनकी कीमत क्रमशः 62,500 रुपए, 4,500 रुपए और 1,050 रुपए दर्ज है। रेस्टोरेंट की रसोई में पानी जमा होने और फ्रीजर में शाकाहारी तथा मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे गए थे। बिल पर एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण संख्या भी दर्ज नहीं थी। हालांकि, निरीक्षण रिपोर्ट में रेस्टोरेंट को 116 में से 112 अंक यानी करीब 97 प्रतिशत मिले। इसके बावजूद खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने, जल निकासी व्यवस्था सुधारने और मापने वाले उपकरणों की जांच कराने का निर्देश दिया गया। रिपोर्ट में सुधार नोटिस जारी करने की अनुशंसा भी की गई। पनाश होटल में 10 किलो मटन-चिकन नष्ट 9 अक्टूबर को द पनाश होटल की जांच में फ्रीजर में करीब 10 किलो मटन और चिकन मिला। इन पर निर्माण तिथि और इस्तेमाल की अंतिम तारीख दर्ज नहीं थी। खाद्य संरक्षा टीम ने इन्हें खाने के लिए अनुपयुक्त मानते हुए जब्त कर नष्ट करा दिया। इसके अलावा, इस्तेमाल की अंतिम तारीख नहीं लिखे होने के कारण 6 पैकेट ब्रेड भी नष्ट कराए गए। संबंधित खाद्य सामग्री का कुल बाजार मूल्य 6,250 रुपए बताया गया। पानी की जांच के दौरान टीडीएस का मान 44 पाया गया, जिसे निरीक्षण रिपोर्ट में निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं माना गया। होटल को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का नोटिस दिया गया। गर्गी ग्रैंड और पाटलिपुत्र एक्सोटिका में भी मिली गड़बड़ी होटल गर्गी ग्रैंड की रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक साथ रखा मिला। खाद्य सामग्री को पहले आई सामग्री पहले इस्तेमाल करने की व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा था। पानी की आखिरी जांच वर्ष 2024 में कराई गई थी और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं थे। यहां से पनीर और अरहर दाल के नमूने लिए गए। पाटलिपुत्र एक्सोटिका में रसोई की सफाई संतोषजनक नहीं मिली। स्टोर में खाद्य सामग्री रखने की व्यवस्था ठीक नहीं थी और पहले आई सामग्री पहले इस्तेमाल करने के नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। रसोई का वेंटिलेटर टूटा होने के कारण वहां कबूतर भी मिला। बिल पर एफएसएसएआई नंबर नहीं था। जांच में एक्सपायरी पाए जाने पर 6 किलो राज मिल्क, 8 किलो बेकरी मिक्स, 1.5 किलो हाइड्रो और 100 ग्राम जीरा सीप नष्ट कराया गया। दोनों होटलों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया। होटल मौर्या और लेमन ट्री से नमूने लिए गए होटल मौर्या में रसोई के अंदर खाना बनाने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिस पर रोक लगाई गई।
लेमन ट्री होटल से पनीर, चीज, टमाटर सॉस और लिक्विड सॉस के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए थे। यहां ड्रेनेज पर लगी जाली को ठीक से ढकने का निर्देश दिया गया था। वहीं बर्गर किंग से जांच अभियान के दौरान एसपी वर्मा रोड स्थित बर्गर सिंह हाउस समेत अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई। यहां से फ्राइज डिप और मेयोनेज के नमूने लिए गए थे।

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