पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने बिहार सरकार और पटना पुलिस के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने पूरे यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ मोर्चा खोलने की बात कही है। उनका आरोप है कि पटना पुलिस और बिहार सरकार लगातार छात्रों के आवाजों को दबाने का काम कर रही है। पटना यूनिवर्सिटी के छात्र नेता ओसामा खुर्शीद को दो दिन पहले NTPC 2022 अग्निवीर सेना भर्ती आंदोलन से जुड़े एक मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस बात को लेकर भी छात्रों में काफी आकाश देखने को मिल रहा है। छात्रों को गिरफ्तार कर जुबान को कुचलने का काम कर रही है शांतनु शेखर ने कहा कि, बिहार सरकार और पटना पुलिस लगातार छात्र नेताओं को गिरफ्तार करके उनके जुबान को कुचलने का काम कर रही है, ताकि वे सत्ता से सवाल ना कर पाए। इसी पटना यूनिवर्सिटी से निकले कितने छात्र नेता आज बिहार सरकार में मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य पदों पर है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि, ‘अगर प्रशासन का रवैया ऐसा ही रहा तो वह दिन बहुत जल्दी आएगी जब पूरे बिहार से छात्र एकत्रित होंगे और बिहार सरकार और पटना पुलिस प्रशासन से सवाल करेंगे। तब पटना पुलिस उस समय सवाल का जवाब देने लायक नहीं रहेगी।’ कुछ छात्रों को जाति विशेष होने के चलेत छोड़ दिया- शांतनु शेखर शांतनु शेखर ने आगे कहा कि, ‘पिछले महीने जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पटना यूनिवर्सिटी आए थे तो मैं छात्र संघ का अध्यक्ष उनसे सवाल किया था। मैं फिर से सरकार और प्रशासन को चेतावनी देता हूं कि अगर वह अपने रवैया को नहीं सुधारेंगे, तो फिर हम सभी छात्र उनके खिलाफ मोर्चा खोलने का काम करेंगे।’
सरकार पर हिंदू-मुस्लिम एकता तोड़ने के आरोप शांतनु शेखर ने आरोप लगाया कि, ‘सरकार द्वारा अल्पसंख्यक और मुस्लिम समुदाय के छात्रों पर लगातार अत्याचार किया जा रहा है। ऐसे रवैया रहा तो पूरे भारत में विष फैलेगा और जो हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देते हैं, उसे टूटने में वक्त नहीं लगेगा।’


