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पश्चिम बंगाल सरकार में नगर विकास मंत्री बनने के बाद पहली बार बक्सर के मिश्रवलिया गांव स्थित अपने ससुराल पहुंचे उमेश राय का पारंपरिक रीति-रिवाज और पूरे सम्मान के साथ भव्य स्वागत किया गया। गांव में उनके आगमन को लेकर उत्सव जैसा माहौल रहा। ससुराल पक्ष, ग्रामीणों और समर्थकों ने फूल-मालाओं, पुष्पवर्षा और पारंपरिक गीतों के साथ उनका अभिनंदन किया। मंत्री के स्वागत में बज रहे “दामाद जी अंगना हैं पधारे” गीत ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। मंत्री के स्वागत के लिए गांव के लोग सुबह से ही उत्साहित नजर आए। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके स्वागत के लिए एकत्र हुए और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सास ने उतारी आरती, परिवार ने पहनाई फूल-मालाएं मिश्रवलिया गांव पहुंचते ही उमेश राय का सबसे पहले उनकी सास ने आरती उतारकर स्वागत किया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। मंत्री बनने के बाद पहली बार ससुराल पहुंचे उमेश राय से मिलने के लिए गांव के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। ‘बक्सर से मेरा रिश्ता सिर्फ ससुराल का नहीं, आत्मीयता का भी है’ स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए उमेश राय ने कहा कि बक्सर से उनका रिश्ता केवल ससुराल तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के लोगों से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा, “यहां के लोगों का स्नेह, परिवार का प्यार और बड़ों का आशीर्वाद मुझे हमेशा नई ऊर्जा देता है। मंत्री बनने के बाद पहली बार ससुराल आने का अवसर मिला है, जिससे मैं काफी भावुक और प्रसन्न हूं।” उन्होंने कहा कि जनसेवा उनके जीवन का उद्देश्य है और वे अपने नए दायित्व का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करेंगे। परम मित्र रिंकू बाबा से भी की मुलाकात स्वागत समारोह के बाद उमेश राय अपने करीबी मित्र रिंकू बाबा उर्फ रिंकू शुक्ला के आवास पहुंचे। वहां भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने रिंकू शुक्ला को उनके नए व्यवसाय के लिए शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान गांव के बुजुर्गों ने मंत्री को आशीर्वाद दिया, जबकि युवाओं में उनके साथ सेल्फी लेने का उत्साह देखने को मिला। कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग रहे मौजूद स्वागत समारोह में मंत्री के साले संतोष राय उर्फ मुन्ना राय, चौसा प्रखंड प्रमुख गुड्डू राय, पंकज राय, विनोद शर्मा, अर्जुन राय, धनंजय राय, देवेश उपाध्याय, बबल राय, मोहन यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे। बक्सर से गाजीपुर रवाना, पैतृक गांव में भी हुआ जोरदार स्वागत मिश्रवलिया में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उमेश राय अपने पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना क्षेत्र स्थित पलिया गांव के लिए रवाना हुए। वहां भी ग्रामीणों ने गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और पारंपरिक स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया। 2026 के चुनाव में दर्ज की शानदार जीत उमेश राय ने वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में हावड़ा उत्तर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन विधायक गौतम चौधरी को 11,250 मतों के अंतर से हराया। इससे पहले वर्ष 2021 में भी उन्होंने इसी सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें 5,522 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। लगातार जनसंपर्क, संगठनात्मक सक्रियता और राजनीतिक मेहनत के दम पर उन्होंने 2026 में जीत हासिल की। इसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल सरकार में नगर विकास मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। बक्सर से है पारिवारिक रिश्ता उमेश राय का पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का पलिया गांव है, जबकि उनकी शिक्षा-दीक्षा कोलकाता में हुई। वर्ष 2001 में उनका विवाह बक्सर जिले के मिश्रवलिया गांव निवासी गीता राय से हुआ था, जो संतोष राय उर्फ मुन्ना राय की बहन हैं। मंत्री बनने के बाद उनका यह पहला ससुराल आगमन गांव के लोगों के लिए एक यादगार अवसर बन गया।

