
कोलकाता से अमित शर्मा की रिपोर्ट
ED Raids in Bengal: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह पश्चिम बंगाल के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई का संबंध करोड़ों रुपये की निवेश धोखाधड़ी, क्रिप्टो निवेश, चिटफंड और फर्जी शेयर बाजार प्रशिक्षण के जरिये लोगों से ठगी के आरोपों से जुड़ा है. ईडी की अलग-अलग टीमों ने पश्चिम बर्धमान के अंडाल, हावड़ा और नदिया के कालीनारायणपुर में तलाशी अभियान चलाया. सभी जगह केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी तैनात रहे.
मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी
यह जांच कोलकाता के फेयरली प्लेस इलाका स्थित जराडोबिट एंड जराडोबिट ई-शॉपर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ी है. पिछले वर्ष मई में कालीघाट निवासी एक महिला ने हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज करायी थी कि कंपनी ने निवेशकों से करीब 22 करोड़ रुपये जुटाये. 25 महीने के निवेश पर हर महीने चार प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गयी. शिकायत में कंपनी के दो निदेशकों का भी नाम था.
सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी का आरोप
इसी मामले की जांच करते हुए ईडी ने गुरुवार को कई ठिकानों पर छापेमारी की. दुर्गापुर के अंडाल स्थित श्रीपल्ली सुभाषनगर रिक्शाडांगा इलाके में ईसीएल के सेवानिवृत्त कर्मचारी दिलीप मल्लिक के घर तलाशी ली गयी. आरोप है कि दिलीप मल्लिक और उनके बेटे दिगंत मल्लिक ने फेयरली प्लेस में कार्यालय खोलकर लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की. दिगंत पर सोशल मीडिया के माध्यम से निवेशकों को लुभाने का भी आरोप है.
ठगी की रकम दुबई भेजने की आशंका
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों के दुबई के एक कारोबारी से संबंध होने और ठगी की रकम विदेश भेजे जाने की भी आशंका है. दिगंत पहले भी गिरफ्तार हो चुका है और बाद में उसे जमानत मिली थी. हाल में उसके बैंक खातों में बड़े पैमाने पर लेनदेन का पता चलने के बाद ईडी ने यह कार्रवाई की. हावड़ा के कुचिल सरकार लेन स्थित सौरभ चट्टोपाध्याय के घर भी ईडी की टीम पहुंची. जांच एजेंसी के अनुसार, सौरभ का नाम कई चिटफंड कंपनियों से जुड़ा है. वह शेयर बाजार का कारोबार भी करता है. प्रारंभिक जांच में उसका नाम फेयरली प्लेस स्थित कंपनी के निदेशकों में भी सामने आया है. वहीं, नदिया जिले के रनाघाट के निकट कालीनारायणपुर में कारोबारी शुभ्रकांति नाग उर्फ बाबाई नाग के घर भी छापेमारी हुई.
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जब्त दस्तावेजों या अन्य बरामदगी की जानकारी नहीं
आरोप है कि उसने स्टॉक गुरुकुल नाम से शेयर बाजार प्रशिक्षण और निवेश के नाम पर फर्जी चिटफंड कंपनी चलाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की. स्थानीय लोगों के अनुसार, शुभ्रकांति पिछले करीब डेढ़ वर्ष से इलाके में नहीं दिखा है. जांच के समय उसका घर भी बंद मिला. ईडी को संदेह है कि फेयरली प्लेस से संचालित ठगी के नेटवर्क से उसका भी संबंध था. ईडी अब यह भी जांच कर रही है कि निवेशकों से ठगे गये पैसे को हवाला या अन्य माध्यमों से विदेश भेजा गया या नहीं. फिलहाल सभी स्थानों पर तलाशी जारी है. एजेंसी ने अभी तक जब्त दस्तावेजों या बरामदगी के संबंध में आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है.
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