
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने की घोषणा पहले ही कर दी थी. अब राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने पाठ्यक्रम में बदलाव की घोषणा की है. मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहली कक्षा से शुरू होने वाला पूरा पाठ्यक्रम बदला जाएगा. मंत्री दीपक बर्मन ने कहा कि समिति दीर्घकालिक योजना के साथ पाठ्यक्रम तैयार कर रही है.
2028 से होगी नयी किताब से पढ़ाई
राज्य सरकार ने पाठ्यक्रम में संशोधन और बदलाव के लिए एक पाठ्यक्रम समिति का गठन कर लिया है। उस समिति की सिफारिशों के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा. छात्रों को 2027 से शुरू होने वाले पाठ्यक्रम में संशोधित पाठ्यक्रम मिलेगा. यानी, पुस्तकों में बदलाव होंगे और जब 2028 से राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होगी, तो उस नीति को ध्यान में रखते हुए पहली कक्षा से ही पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा. पुस्तकें भी बदल जाएंगी.
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समिति का गठन समय समय पर होता रहा है
दीपक बर्मन ने कहा- आज के समय के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा. समय-समय पर गठित होने वाली समीक्षा समितियों की तरह ही इस समिति का गठन किया गया है. समिति की पहली योजना 2027 में प्रकाशित होने वाली पुस्तकों की समीक्षा करना है. 2028 की शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा. समिति की सिफारिशों के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा.
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पहले भी हो चुके हैं कई बदलाव
राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में पहले ही कई बदलाव किए हैं. स्कूली बर्दी से विश्व बांग्ला का लोगो हटाया जा रहा है. साथ ही, पुरानी परंपराओं को वापस लाने के लिए बर्दी का रंग भी बदला जाएगा. नीले रंग के बजाय, प्रत्येक विद्यालय अपनी पसंद का रंग चुन सकेगा. सरकार के इस नये फैसले से इस बात की आशंका जतायी जा रही है कि स्कूली शिक्षा का भगवाकरण हो सकता है.
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