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सावन की पहली सोमवारी पर सोमवार को सीवान जिला पूरी तरह शिवमय हो गया। जिले के प्रसिद्ध महेंद्रनाथ धाम और सोहगरा धाम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि देर रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों के बीच हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते रहे। प्रशासन के अनुसार दोनों प्रमुख शिवधामों में इस बार करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सीवान के अलावा गोपालगंज, सारण, पश्चिम चंपारण तथा उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों तथा पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। स्वयंसेवकों को भी तैनात किया गया भीड़ को देखते हुए इस बार महेंद्रनाथ और सोहगरा धाम में मंदिर के गर्भगृह के अंदर जलाभिषेक के लिए प्रवेश पर रोक लगाई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के बाहर विशेष अरघा की व्यवस्था की गई है, जहां से श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। मंदिर समितियों ने दर्शन और जलाभिषेक के लिए अलग-अलग कतारें बनाई हैं तथा स्वयंसेवकों को भी तैनात किया गया है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जल के स्पर्श से कुष्ठ रोग से मुक्ति मिली थी इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल तथा फल-फूल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। कई श्रद्धालु रविवार देर रात ही मंदिर परिसरों में पहुंच गए थे ताकि सुबह सबसे पहले बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकें। महेंद्रनाथ धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है। मान्यता है कि लगभग 800 वर्ष पूर्व नेपाल नरेश महेंद्र को यहां के सरोवर के जल के स्पर्श से कुष्ठ रोग से मुक्ति मिली थी। 27 स्थानों पर दो पालियों में 54 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति इसके बाद उन्होंने यहां शिवलिंग की स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया तथा 551 बीघे में विशाल सरोवर खुदवाया। यहां का शिवलिंग देवघर के बैद्यनाथ धाम के शिवलिंग के समान माना जाता है, इसलिए सारण प्रमंडल के अनेक कांवरिये देवघर जाने से पहले महेंद्रनाथ धाम में जलाभिषेक करना शुभ मानते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। 27 स्थानों पर दो पालियों में 54 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों, बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। पूरे दिन जिला “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा।


