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पूर्णिया सदर थाना क्षेत्र के पूर्णिया सिटी स्थित सौरा नदी में नहाने के दौरान डूबे 14 साल का छात्र हर्षित का घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। प्रशासन की कार्यशैली से नाराज परिजनों और स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को पूर्णिया सिटी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारी लापता छात्र की जल्द से जल्द तलाश करने की मांग कर रहे थे। कोचिंग के बाद दोस्तों के साथ गया था नहाने जानकारी के अनुसार 14 वर्षीय हर्षित पूर्णिया के के. हाट थाना क्षेत्र स्थित प्रभात कॉलोनी का रहने वाला है। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे वह अपने दो दोस्तों के साथ कोचिंग से लौटने के बाद पूर्णिया सिटी के सौरा नदी में नहाने गया था। इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने के कारण वह नदी में डूब गया। परिजनों ने प्रशासन के कार्यशैली पर आक्रोश दिखाते हुए SDRF की लापरवाही और बदहाल व्यवस्था पर आरोप लगाया है। लापता छात्र हर्षित के परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल दिए जाने के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्था बेहद सुस्त रही। परिजनों का कहना है कि स्थानीय गोताखोरों की मदद नहीं ली गई और मौके पर पहुंची SDRF की दो बोटों में से एक बोट खराब निकली जबकि दूसरी बोट सर्च ऑपरेशन में पूरी तरह असफल साबित हुई। ‘हमें कुछ हीं चाहिए, बस मेरे बच्चे की डेडबॉडी लाकर दे दो’ आक्रोशित परिजनों ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन के पास ऐसी आपात्कालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए कोई अन्य ठोस विकल्प या व्यवस्था नहीं है? घटनास्थल पर नदी किनारे रोती-बिलखती हर्षित की चाची ने प्रशासन के सामने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए बस मेरे बेटे का डेडबॉडी लाकर दे दो। सड़क जाम से यातायात ठप, मौके पर पहुंचे अधिकारी 24 घंटे बाद भी बच्चे का कोई अता-पता न चलने से उग्र हुए लोगों ने पूर्णिया सिटी मुख्य मार्ग को पूरी तरह से बाधित कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही पूर्णिया पूर्व के अंचलाधिकारी (CO) अंशु कुमार तथा सदर थाना की पुलिस टीम दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और काफी मशक्कत के बाद सड़क जाम खत्म कराकर यातायात बहाल कराया। कोई रिस्पॉन्स नहीं किया : हर्षित की चाची हर्षित की चाची निर्मला यादव ने कहा कि कल 11:30 से 12:00 बजे बच्चा डूब गया। बच्चा डूबने के बाद भी कोई रिस्पॉन्सिबिलिटी इन लोग को लेना चाहिए, कोई रिस्पॉन्स नहीं लिए। जबकि प्रशासन यहां खड़ा था, प्रशासन यहां 3-4 घंटा के बाद आए। प्रशासन आए, अंदर घुसा, पूछा कि बच्चा का क्या नाम है। इसके बाद प्रशासन धीरे से गाड़ी लेके खिसक गया। हम लोग कल से कंटीन्यूअस यहां बैठे हैं, कोई सुनवाई नहीं। उन्होंने कहा कि बच्चे की मां की हालत खराब है, पिता की भी तबीयत ठीक नहीं है। बच्चा कोचिंग से आया था, दो लड़कों के साथ था। हर्षित छठी क्लास में पढ़ता था। हमको डेड बॉडी चाहिए, और कुछ नहीं चाहिए। परिजन ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमको SDRF का बड़ा बाबू बोला कि आप लोग ब्लॉक जाइये, CO साहब से मिलिये। हम CO साहब से मिलने गए, CO साहब नहीं थे ब्लॉक में, उनके बड़ा बाबू थे। बड़ा बाबू बोले कि नाजिर साहब से मिलिये। नाजिर साहब 8 गोताखोरों का नंबर निकाले—3 बीमार हैं और बाकी बोले मखाना फोड़ने गया है। बच्चा कल 11:00 बजे डूबा है। SDRF टीम सादा पानी में जाता है, आता है और हाथ खड़ा कर देता है कि हमसे नहीं होगा। हमको CO साहब चाहिए सामने, SDO साहब चाहिए और हमको गोताखोर चाहिए। 24 घंटे बाद भी नदी में सर्च ऑपरेशन जारी अंचलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की देखरेख में SDRF की टीम द्वारा सौरा नदी में सर्च आपरेशन ऑपरेशन को फिर से तेज कर दिया गया है। हालांकि अब तक 14 वर्षीय हर्षित का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। नदी के किनारे भारी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन हर्षित की सकुशल वापसी की उम्मीद में डटे हुए हैं। हालांकि 24 घंटे में हर्षित डूबकर कहां गया ये कहना बेहद मुश्किल है।


