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पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के दुगुनिया गांव स्थित रुगुईगुटु टोले में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के मामले में पुलिस ने चार माओवादियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई मृतक की पत्नी दूषि चांपिया के बयान के आधार पर की गई है। प्राथमिकी में तीन नामजद और एक अज्ञात आरोपी शामिल हैं। थाना प्रभारी विकास मुंडा ने बताया कि इस हत्याकांड में कुख्यात नक्सली सालुका कायम के दस्ते की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रमेश चांपिया की हत्या पुलिस मुखबिरी के संदेह में की गई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों का सत्यापन किया जा रहा है और जंगल क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सालुका कायम 10 लाख रुपए का इनामी नक्सली जांच में सामने आया है कि सालुका कायम 10 लाख रुपए का इनामी नक्सली है। उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। वर्ष 2014 में वह चाईबासा जेल ब्रेक कांड में शामिल था। इसके अलावा, 30 मार्च 2023 को गुवा क्षेत्र के बालजोड़ी में भारी मात्रा में विस्फोटक और डेटोनेटर लूट की घटना में भी वह मुख्य आरोपी रहा है। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सलियों ने अपनी रणनीति बदल ली है। अब वे छोटे-छोटे समूहों में सक्रिय हैं। सालुका कायम का दस्ता कोल्हान के घने जंगलों में छिपकर गतिविधियां चला रहा है, जिससे सुरक्षा बलों के लिए उन्हें ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। रमेश चांपिया पहले नक्सली संगठन से जुड़ा था, लेकिन जेल से रिहाई के बाद उसने सामान्य जीवन अपना लिया था। माना जा रहा है कि इसी कारण उसे गद्दार मानते हुए उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और कड़ी सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया।

