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मोतिहारी जिले में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए खेत में लगाए गए बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से एक पूर्व पंचायत समिति सदस्य की मौत हो गई। मृतक की पहचान अखिलेश साह (50) के रूप में हुई है, जो जितपुर पंचायत से पूर्व पंचायत समिति सदस्य रह चुके थे। उनकी पत्नी भी पंचायत की मुखिया रह चुकी हैं। यह घटना जितना थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अखिलेश साह अपनी फसल देखने खेत गए थे। इसी दौरान खेत की मेड़ पर उनका पैर फिसल गया और वे खेत के चारों ओर लगाए गए नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गए। मौके पर ही गई जान ग्रामीणों का आरोप है कि इस तार में बिजली का करंट प्रवाहित किया जा रहा था, जिससे अखिलेश साह की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक, एक किसान ने नीलगाय सहित अन्य जंगली जानवरों से अपनी लौकी और बोड़ी की फसल को बचाने के लिए खेत के चारों ओर नंगे तार से घेराबंदी की थी। आरोप है कि फसल की सुरक्षा के लिए इस तार में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़ा गया था, जिसकी चपेट में अखिलेश साह आ गए। घटना की सूचना मिलते ही जितना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया। 5 साल पंचायत समिति सदस्य रहे थे घटना के बाद संबंधित किसान अपने परिवार सहित घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जितना थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों से आवेदन मिलने और जांच में अवैध रूप से करंट प्रवाहित करने की पुष्टि होने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश साह वर्ष 2011 से 2016 तक जितपुर पंचायत से पंचायत समिति सदस्य रहे थे। वहीं उनकी पत्नी सविता देवी वर्ष 2016 से 2021 तक पंचायत की मुखिया रही थीं। आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई परिवार में सोमवार को ही नवजात के जन्म से खुशी का माहौल था। लेकिन कुछ ही घंटों बाद अखिलेश साह की मौत की खबर से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। घटना के बाद ग्रामीणों में भी खेतों में इस तरह अवैध तरीके से करंट प्रवाहित किए जाने को लेकर आक्रोश है।

