Tuesday, June 23, 2026

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फर्जी पुलिस वसूली गैंग:IG ऑफिस स्टाफ बन कर आरोपी के घर पहुंचा, मांगा 1 लाख


दो पड़ोसियों की लड़ाई में फर्जी पुलिस की एंट्री, सीआईडी से शिकायत, जांच शुरू
खुद को आईजी आफिस का कर्मी बता कर एक कारोबारी से एक लाख रुपए वसूलने की कोशिश का मामला सोमवार को सीआईडी मुख्यालय पहुंचा। रांची के देवी नगर, हेसाग (रोड नंबर 1सी) के रहने वाले अरुण कुमार महतो ने इस मामले में सीआईडी से शिकायत की है। अरुण ने सीआईडी को उन दोनों व्यक्तियों की तस्वीर, वीडियो और एक लिखित आवेदन सौंपा है। जिसमें बताया है कि उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर दो अज्ञात लोगों ने पहले खुद को आईजी कार्यालय का कर्मचारी बताया, फिर एक लाख रुपए की मांग की। इस मामले में पीड़ित की लिखित शिकायत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। क्योंकि पीड़ित अरुण कुमार महतो ने हिम्मत दिखाते हुए वसूली करने आए दोनों संदिग्धों की तस्वीरें और वीडियो फुटेज अपने पास सुरक्षित रख ली थी। पैसे मांगने वालों का पीड़ित ने बनाया वीडियो, सीआईडी को सौंपा
पहले एसआई करने आए जांच, फिर दोनों पहुंचे पैसे मांगने- अरुण कुमार महतो की ओर से दिए गए आवेदन में बताया गया है कि शोणित बरन राय द्वारा उनके विरुद्ध एसटी/ एससी थाने में एक मामला दर्ज कराया गया। उक्त मामले की जांच के लिए उनके पास 20 जून की शाम को एसटी-एससी थाने के सब-इंस्पेक्टर महेन्द्र बाड़ा आए हुए थे। महेंद्र बाड़ा के साथ दोपहिया वाहन से दो अन्य व्यक्ति भी आए थे। सभी उनकी दुकान पर पहुंचे थे। उन दोनों व्यक्तियों ने महेंद्र बाड़ा के समक्ष खुद को आईजी कार्यालय का स्टाफ बताया। उस वक्त तो वे अरुण कुमार से पूछताछ कर कुछ कागजात देखकर चले गए। लेकिन रात करीब 8 बजे वे दोनों दोबारा अरुण महतो की दुकान पर पहुंचे। दोनों ने अरुण महतो से कहा, अब तो तुम्हें मालूम चल ही गया होगा कि मैं आईजी ऑफिस का कर्मी हूं। मुझे आईजी साहब ने केस की जांच के लिए भेजा है। एक लाख रुपए दो, नहीं तो तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर देंगे। अरुण कुमार उनकी धमकी से डर जरूर गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए उन दोनों व्यक्तियों की वीडियो बना ली। सीआईडी ने शुरू की जांच, दोनों फर्जी पुलिसकर्मियों की खोज जारी
पुलिस के नाम पर धमका कर पैसे मांगे जाने के इस गंभीर मामले में शिकायत मिलने के बाद सीआईडी ने इसे गंभीरता से लिया है। सीआईडी अब इस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पुलिस की आड़ में वसूली का खेल खेलने वाले ये दोनों लोग कौन हैं। इस मामले में सीआईडी के एडीजी ने खुद संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए एक इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी है। जांच करने गए दारोगा ने कहा- मेरे साथ कोई नहीं गया, पैसे मांगने वाले कौन हैं नहीं जानते
शिकायतकर्ता अरुण कुमार महतो ने एसटी-एससी थाने के जिस सब-इंस्पेक्टर महेन्द्र बाड़ा के साथ उन दोनों व्यक्तियों के आने की बात कही, उन्होंने कहा कि वे थाने की गाड़ी से वहां गए थे। उनके साथ बाइक से कोई व्यक्ति नहीं गया था। अरुण महतो से किसने पैसे मांगे, वे नहीं जानते। वे अपने साथ किसी को नहीं ले गए, इसकी जांच कराई जा सकती है।

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