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बंगाल के सरकारी ऑफिस में लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर, री-चार्ज खत्म होते ही हो जायेगी दफ्तरों की बत्ती गुल

बंगाल के सरकारी ऑफिस में लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर, री-चार्ज खत्म होते ही हो जायेगी दफ्तरों की बत्ती गुल

WB Power Reform: पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया है. इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी विभागों द्वारा बिजली बिल के भुगतान में की जाने वाली देरी और करोड़ों रुपए के पुराने बकाये (Outstanding Dues) की समस्या को जड़ से खत्म करना है.

सरकारी दफ्तरों को क्यों मिले छूट?

देश के आम नागरिकों द्वारा बिजली बिल जमा करने में देरी होने पर डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनियां) तुरंत कनेक्शन काट देती हैं. इसके विपरीत, कई सरकारी और नागरिक अवसंरचना से जुड़े विभाग करोड़ों रुपए का बिल बकाया होने के बावजूद बिना किसी दंडात्मक कार्रवाई के चलते रहते हैं.

7 महीने तक मोबाइल टॉर्च से अधिकारी ने किया काम

हाल ही में कर्नाटक के एक शहरी सर्वेक्षण कार्यालय ने कहा था कि मात्र 3,000 रुपए के बकाये के कारण दफ्तर की बत्ती गुल हो गयी थी. अधिकारी 8 महीने तक मोबाइल की टॉर्च जलाकर काम कर रहे थे. इसी तरह महाराष्ट्र में भी 7,000 सरकारी प्रतिष्ठानों से 21 करोड़ रुपए की वसूली के लिए कड़ा अभियान चलाना पड़ा था.

इसे भी पढ़ें : बंगाल में अब फ्री बिजली नहीं, लगेंगे 2 करोड़ स्मार्ट मीटर, 15000 करोड़ वसूलने की तैयारी

WB Power Reform: अब नो री-चार्ज नो लाइट्स

पश्चिम बंगाल की इस नयी व्यवस्था के तहत अब हर सरकारी विभाग को अपने बजट का एक हिस्सा बिजली री-चार्ज के लिए पहले से आवंटित करना होगा. मोबाइल की तरह ही मीटर री-चार्ज होने पर ही दफ्तरों में बिजली की आपूर्ति बहाल रहेगी. इस कदम से मानवीय हस्तक्षेप या लापरवाही की गुंजाइश खत्म हो जायेगी और अधिकारियों को अपने वार्षिक वित्तीय बजट के भीतर ही सीमित और समझदारी से बिजली का उपयोग करना होगा.

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स्मार्ट मीटर के क्या होंगे फायदे

  • स्मार्ट मीटर ऊर्जा प्रबंधन का बेहतरीन टूल है.
  • स्मार्ट मीटर के जरिये विभाग प्रति घंटे की बिजली खपत की निगरानी कर सकते हैं.
  • गलत या अनुमानित बिलिंग (Inaccurate Billing) और मैन्युअल रीडिंग की गलतियों से पूरी तरह छुटकारा मिल जायेगा.
  • रीयल-टाइम डेटा मिलने से ग्रिड को सुरक्षित रखने और अवैध बिजली चोरी या मीटर से छेड़छाड़ रोकने में भी मदद मिलेगी.

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