
दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. अगस्त से सितंबर के बीच राज्य 7,320 लोग डेंगू से संक्रमित हुए हैं. पिछले एक सप्ताह में डेंगू के 2,600 मामले सामने आये हैं. डेंगू के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक में राज्य के 16 विभागों के सचिव, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) सह 28 नगरपालिकाओं के अधिकारी उपस्थित थे.
कोलकाता की स्थिति चिंता जनक नहीं, बढ़ेगी निगरानी
कोलकाता महानगर में डेंगू का प्रकोप फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन अगले 2 महीने अक्टूबर और नवंबर में निगम को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं. सोमवार को नबान्न में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से डेंगू स्थिति की समीक्षा की. बैठक में कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडे भी मौजूद थीं.
कोलकाता में डेंगू के केस में 6 फीसदी की गिरावट
निगम सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता में डेंगू की स्थिति को नियंत्रित रखने के प्रयासों पर मुख्य सचिव ने संतोष जताया. इस वर्ष एक जनवरी से 26 सितंबर तक महानगर में डेंगू के 624 मामले सामने आये हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 662 थी. यानी पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मामलों में करीब 6 फीसदी की कमी दर्ज की गयी है. निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से वार्ड स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. कोलकाता में डेंगू के हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित वार्ड संख्या 2 और 6 में भी फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बतायी जा रही है.
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अक्टूबर-नवंबर में होगी विशेष निगरानी
विशेषज्ञों के मुताबिक, बारिश खत्म होने के बाद डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका रहती है. इसी वजह से अक्टूबर और नवंबर को ‘हाई-रिस्क पीरियड’ मानते हुए विशेष निगरानी की जा रही है. बुखार होने पर तत्काल रक्त जांच कराने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है और वार्डों में माइकिंग भी जारी है.
पूजा पंडालों में चलाया जायेगा विशेष अभियान
दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग विभिन्न पूजा पंडालों में भी विशेष अभियान चलायेगा. पंडालों में बांस के खुले हिस्सों, तिरपाल, प्लास्टिक और अन्य स्थानों पर पानी जमा होने की स्थिति की जांच की जायेगी. राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि डेंगू की रोकथाम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
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जांच तेज करने का निर्देश
मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने राज्य में डेंगू जांच को तेज करने का निर्देश दिया है. मुख्य सचिव ने कहा है कि जिन इलाकों में जांच या लैब की व्यवस्था नहीं है, वहां आधारभूत ढांचा तैयार कर डेंगू की जांच की जाये. डेंगू प्रभावित इलाकों में विशेष नजर रखने व जांच तेज किये जाने और जल्द रिपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही मच्छर के लार्वा को भी नष्ट करने का निर्देश दिया गया है.
कोलकता, सिलीगुड़ी के प्रशासक भी बैठक में शामिल
इस हाई लेवल मीटिंग में केएमसी की प्रशासक स्मिता पांडे सह सिलीगुड़ी, विधाननगर, हावड़ा नगर निगम के अधिकारी भी शामिल थे. सूत्रों ने बताया है कि बैठक में कहा गया कि जिस तेजी से डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, अगर समय रहते इसे नियंत्रित नहीं किया गया, तो स्थिति और भयावह हो सकती है.
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