लोहरदगा|शहर के ऐतिहासिक बड़ा तालाब में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड की ओर से 9 क्विंटल मछली का जीरा छोड़ा गया। कार्यक्रम नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर व अंजुमन इस्लामिया के नाज़िम-ए-आला हाजी जबारुल अंसारी की देखरेख में संपन्न हुआ। वहीं नगर परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि बड़ा तालाब शहर की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके संरक्षण के साथ साथ इसका बेहतर उपयोग भी जरूरी है। तालाब में मछली का जीरा छोड़ने से भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और इससे मत्स्यजीवी परिवारों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद हमेशा ऐसे जनहितकारी कार्यों को बढ़ावा देती रहेगी। अंजुमन इस्लामिया के नाजिम-ए-आला ने कहा कि समाज के आर्थिक विकास के लिए ऐसे सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने मत्स्यजीवी सहयोग समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तालाबों का संरक्षण और उनका सदुपयोग समय की आवश्यकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। मौके पर समिति के तौहीद अंसारी, अख्तर अंसारी, नूरजहां खातून, राबिया खातून, मुर्तजा अंसारी, संतु नायक, मुकेश नायक, मोनू उरांव, सोनू वर्मा, गगन उरांव, हारून रशीद, इम्तियाज अंसारी, सरवर खान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
बड़ा तालाब में छोड़ा गया नौ क्विंटल मछली का जीरा
लोहरदगा|शहर के ऐतिहासिक बड़ा तालाब में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को मत्स्यजीवी सहयोग समिति लिमिटेड की ओर से 9 क्विंटल मछली का जीरा छोड़ा गया। कार्यक्रम नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर व अंजुमन इस्लामिया के नाज़िम-ए-आला हाजी जबारुल अंसारी की देखरेख में संपन्न हुआ। वहीं नगर परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि बड़ा तालाब शहर की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके संरक्षण के साथ साथ इसका बेहतर उपयोग भी जरूरी है। तालाब में मछली का जीरा छोड़ने से भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और इससे मत्स्यजीवी परिवारों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद हमेशा ऐसे जनहितकारी कार्यों को बढ़ावा देती रहेगी। अंजुमन इस्लामिया के नाजिम-ए-आला ने कहा कि समाज के आर्थिक विकास के लिए ऐसे सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने मत्स्यजीवी सहयोग समिति की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तालाबों का संरक्षण और उनका सदुपयोग समय की आवश्यकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। मौके पर समिति के तौहीद अंसारी, अख्तर अंसारी, नूरजहां खातून, राबिया खातून, मुर्तजा अंसारी, संतु नायक, मुकेश नायक, मोनू उरांव, सोनू वर्मा, गगन उरांव, हारून रशीद, इम्तियाज अंसारी, सरवर खान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

