सिटी रिपोर्टर | बोकारो चास शहरी क्षेत्र और बोकारो औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी अनियमित बिजली कटौती और गंभीर लो-वोल्टेज की समस्या ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। विभाग की इस सुस्ती के खिलाफ बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष मनोज चौधरी के नेतृत्व में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के विद्युत अधीक्षण अभियंता दिनेश्वर सिंह से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। चैंबर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चास की बिजली व्यवस्था अत्यंत दयनीय हो चुकी है। बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज के कारण आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। वहीं आए दिन बिजली ठप रहने के कारण उद्योगों में उत्पादन ठप होने से व्यापारियों को प्रतिदिन लाखों रुपए के भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं। चैंबर महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरम्मति के नाम पर बार बार घटिया सामग्री लगा दी जा रही है। ऐसे में केमिकल अर्थिंग और नए पैनल लगने से बिजली उपकरणों में खराबी कम आएगी। चास के सभी 400 और 500 केवीए के ट्रांसफार्मरों की तुरंत केमिकल अर्थिंग लगाने की मांग की है। एसई से मुलाकात करते प्रतिनिधिमंडल।
बिजली की मार से चास वासी कर रहे त्राहिमाम
सिटी रिपोर्टर | बोकारो चास शहरी क्षेत्र और बोकारो औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी अनियमित बिजली कटौती और गंभीर लो-वोल्टेज की समस्या ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। विभाग की इस सुस्ती के खिलाफ बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष मनोज चौधरी के नेतृत्व में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के विद्युत अधीक्षण अभियंता दिनेश्वर सिंह से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। चैंबर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चास की बिजली व्यवस्था अत्यंत दयनीय हो चुकी है। बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज के कारण आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। वहीं आए दिन बिजली ठप रहने के कारण उद्योगों में उत्पादन ठप होने से व्यापारियों को प्रतिदिन लाखों रुपए के भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं। चैंबर महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरम्मति के नाम पर बार बार घटिया सामग्री लगा दी जा रही है। ऐसे में केमिकल अर्थिंग और नए पैनल लगने से बिजली उपकरणों में खराबी कम आएगी। चास के सभी 400 और 500 केवीए के ट्रांसफार्मरों की तुरंत केमिकल अर्थिंग लगाने की मांग की है। एसई से मुलाकात करते प्रतिनिधिमंडल।

