Tuesday, May 19, 2026

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बिहार को पूर्वी भारत का एविएशन हब बनाने की तैयारी: बिहार के हर क्षेत्र को हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा, मुख्यमंत्री ने मांगा तेज एक्शन – Patna News

सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री आवास में नागरिक उड्डयन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

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बैठक में भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बिहार में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने, नए एयरपोर्ट विकसित करने और मौजूदा हवाई अड्डों के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बिहार बनेगा पूर्वी भारत का एविएशन हब

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बिहार में नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एयर कनेक्टिविटी को 10 गुना तक बढ़ाना है। बिहार के सभी जिलों को बेहतर हवाई सेवा से जोड़ने के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार पर तेजी से काम किया जाए ताकि बिहार को पूर्वी भारत का बड़ा एविएशन हब बनाया जा सके।

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पटना हवाई अड्डे के रनवे विस्तार और उसकी क्षमता बढ़ाने को लेकर हुई।

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पटना हवाई अड्डे के रनवे विस्तार और उसकी क्षमता बढ़ाने को लेकर हुई।

पटना एयरपोर्ट के रनवे विस्तार पर जोर

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पटना हवाई अड्डे के रनवे विस्तार और उसकी क्षमता बढ़ाने को लेकर हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नागर विमानन मंत्रालय से कहा कि पटना एयरपोर्ट पर तेजी से काम किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस परियोजना में बिहार सरकार हर स्तर पर पूरा सहयोग देगी।

अधिकारियों ने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण रनवे विस्तार और अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही है। रनवे विस्तार होने से बड़े विमानों का संचालन आसान होगा और उड़ानों की संख्या भी बढ़ सकेगी।

दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने पर चर्चा

बैठक में दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अगर दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलता है तो बिहार से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। खासकर मिथिला क्षेत्र और नेपाल सीमा से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

पूर्णिया, वाल्मीकिनगर और सहरसा एयरपोर्ट पर भी फोकस

बैठक में पूर्णिया एयरपोर्ट के स्थायी सिविल एन्क्लेव निर्माण, मुजफ्फरपुर-वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट विकास, सहरसा और बीरपुर हवाई अड्डों को विकसित करने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा फारबिसगंज एयरपोर्ट के उन्नयन और राज्य की हवाई पट्टियों को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को लेकर भी अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिया। माना जा रहा है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

उड़ान योजना में बिहार को प्राथमिकता देने की मांग

बैठक में केंद्र सरकार की संशोधित ‘उड़ान योजना’ के तहत बिहार को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई। राज्य सरकार चाहती है कि बिहार के अधिक से अधिक छोटे शहरों और जिलों को हवाई सेवा से जोड़ा जाए ताकि आम लोगों को कम खर्च में हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से बिहार में पर्यटन, व्यापार और निवेश को काफी बढ़ावा मिलेगा।

बोधगया, राजगीर, वैशाली, पटना साहिब और मिथिला क्षेत्र जैसे पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इसके साथ ही होटल, ट्रांसपोर्ट, ट्रैवल और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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