पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि के भुगतान में भेदभाव समाप्त करने, नई पेंशन योजना वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, पुरानी पेंशन योजना का अपडेशन और सभी संवर्गों में पर्याप्त बहाली समेत लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंक ऑफ इंडिया, बोकारो स्टील सिटी शाखा परिसर में शाम 5.30 बजे प्रदर्शन किया गया। इसमें चास, बोकारो व आसपास के विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। यूएफबीयू के जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने को लेकर वर्ष 2024 में इंडियन बैंक एसोसिएशन के साथ लिखित समझौता हुआ था। बैंककर्मियों ने प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने पर भी सहमति दी थी। इसके बावजूद करीब दो वर्ष बाद भी समझौते को लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक, एलआईसी और सेबी समेत कई वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह पहले से लागू है। संवर्गों में बहाली की मांग प्रदर्शनकारियों ने ग्राहक सेवा में सुधार के लिए सभी संवर्गों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तत्काल बहाली की मांग भी उठाई। नेताओं ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन रिक्त पदों पर बहाली नहीं होने से कर्मचारियों के साथ ग्राहकों को भी परेशानी हो रही है। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि के भुगतान में कथित भेदभाव का भी विरोध किया गया। नेताओं ने कहा कि लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यूएफबीयू ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की संभावना की भी चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन में राघव कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, कृष्ण मुरारी, राजेश ओझा, पंकज कुमार, प्रदीप झा, राकेश मिश्रा, अवधेश प्रसाद, नीरज तिवारी, राजेश आदि थे।
