सिटी रिपोर्टर | बोकारो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की 54वीं वार्षिक आमसभा (एजीएम) गुरुवार को नई दिल्ली के सीएसओआई में हाइब्रिड मोड में हुई। सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. एके पांडा ने शेयरधारकों को वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन और कंपनी की आगामी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में स्टील की मांग मजबूत रही। सेल ने तकनीकी उन्नयन, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटलाइजेशन, मानव संसाधन और सतत विकास के जरिए बेहतर प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष 2025-26 में सेल ने अब तक का सर्वाधिक क्रूड स्टील, फिनिश्ड स्टील और सेलएबल स्टील उत्पादन किया। कंपनी ने 10.7 मिलियन टन वैल्यू एडेड स्टील का उत्पादन किया, जो कुल सेलएबल स्टील का 56 प्रतिशत रहा। इसमें पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत वृद्धि हुई। कंपनी ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए 28 नए उत्पाद भी विकसित किए। डॉ. पांडा ने बताया कि सेल ने स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत के पहियों की पहली खेप भेजी। साथ ही भारतीय नौसेना के पांच युद्धपोतों के लिए स्टील की आपूर्ति की। कंपनी का वित्त वर्ष में राजस्व 1.09 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत ज्यादा है। उधारी में 5,000 करोड़ रुपए से अधिक की कमी की गई। पीबीटी और पीएटी में क्रमशः 44 और 50.5 प्रतिशत सुधार हुआ। बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर 2.35 रुपए अंतिम लाभांश की सिफारिश की। सेल ने वित्त वर्ष 2030-31 तक क्रूड स्टील क्षमता करीब 35 एमटीपीए करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ग्रीन एनर्जी, कम कार्बन तकनीक और वैल्यू एडेड व स्पेशल स्टील पर भी जोर दे रही है।
