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बोकारो के आईटीआई मोड़ के पास स्थित हेल्थ प्लस हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के जमीन आवंटन को लेकर सवाल उठे हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में विशेष भू-अर्जन कार्यालय एवं निदेशालय परियोजना भूमि एवं पुनर्वास कार्यालय (डीपीएलआर), बोकारो ने कहा है कि चास अंचल के कमलडीह मौजा में किसी भी खाता और प्लॉट की जमीन झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा), बोकारो को हस्तांतरित या आवंटित नहीं की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अस्पताल के लिए जियाडा ने करीब 3 एकड़ जमीन 33 वर्ष की लीज पर आवंटित की है। यह जमीन चास अंचल के कमलडीह मौजा में स्थित है। अस्पताल का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। बताया गया है कि संबंधित जमीन पहले विस्थापितों की थी, जिसे बोकारो स्टील प्लांट के लिए अधिग्रहित किया गया था। ऐसे में डीपीएलआर के जवाब और जियाडा की ओर से किए गए आवंटन के बीच स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है। 127.26 एकड़ जमीन के हस्तांतरण पर मांगी गई थी जानकारी आरटीआई में विशेष भू-अर्जन कार्यालय से पूछा गया था कि चास अंचल के कमलडीह मौजा, थाना नंबर 31 में कुल हस्तांतरित 127.26 एकड़ जमीन में से उपायुक्त कार्यालय की ओर से कब-कब और किस खाता एवं प्लॉट में कितनी भूमि जियाडा, बोकारो को हस्तांतरित की गई। इसके जवाब में डीपीएलआर ने स्पष्ट किया कि कमलडीह मौजा में किसी भी खाता और प्लॉट की जमीन जियाडा, बोकारो को हस्तांतरित या आवंटित नहीं की गई है। यह जवाब अस्पताल की जमीन के आवंटन से जुड़े दस्तावेजों की जांच का आधार बना है। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल को आवंटित जमीन का खाता, प्लॉट और हस्तांतरण संबंधी दस्तावेज क्या हैं। इन बिंदुओं पर संबंधित विभागों के रिकॉर्ड का मिलान करने से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। निर्माण के दौरान नक्शे को लेकर हुई थी जांच जानकारी के अनुसार, अस्पताल का निर्माण शुरू होने की सूचना मिलने पर चास नगर निगम के तत्कालीन अपर नगर आयुक्त शशि प्रकाश झा ने जांच का निर्देश दिया था। उनके आदेश पर नगर निगम के तत्कालीन कनीय अभियंता पवन पांडेय टीम के साथ अस्पताल परिसर पहुंचे थे। जांच के दौरान निर्माण बिना नक्शे के किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया है। हालांकि, इस संबंध में जांच रिपोर्ट, नोटिस या आगे की कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है। जियाडा के आवंटन और डीपीएलआर के जवाब में अंतर मामले में मुख्य सवाल यह है कि यदि डीपीएलआर के अनुसार कमलडीह मौजा की जमीन जियाडा को हस्तांतरित नहीं की गई, तो अस्पताल को जमीन किस आधार पर आवंटित की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जियाडा ने अस्पताल को करीब 3 एकड़ जमीन 33 वर्ष की लीज पर दी है। वहीं, डीपीएलआर ने जमीन हस्तांतरण से इनकार किया है। इन दोनों तथ्यों के बीच अंतर को स्पष्ट करने के लिए आवंटन आदेश, लीज डीड, जमीन के खाता-प्लॉट विवरण और संबंधित विभागों के रिकॉर्ड की जांच जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध आरटीआई जवाब और निर्माण संबंधी जानकारी के आधार पर जमीन आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं।
बोकारो में हेल्थ प्लस हॉस्पिटल के जमीन आवंटन पर सवाल:RTI में डीपीएलआर ने कहा- जियाडा को नहीं दी जमीन, करीब 3 एकड़ जमीन पर बना है अस्पताल
