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पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास ने आरोप लगाया है कि भोजपुर के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत तिवारी की हत्या सीएम सम्राट चौधरी के आदेश पर कराई गई है। पूर्व आईपीएस ने भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच कर रहे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा को चिट्ठी भेजकर कई अन्य आरोप भी लगाए हैं। बिहार न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा को भेजी गई चिट्ठी में अमिताभ दास ने एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने और मुख्यमंत्री के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। पूर्व आईपीएस ने ये भी आशंका जताई है कि इन आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद उनकी भी हत्या कराई जा सकती है और उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भोजपुर पुलिस को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया है। ‘7वीं फेल सम्राट ने एनकाउंटर के लिए पटना से भेजे थे एसटीएफ कमांडो’ पूर्व आईपीएस अमिताभ कुमार दास ने अपने लेटर पैड पर लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि 17 जून को बिहार के सातवीं फेल सम्राट चौधरी की ओर से शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में हुई घटना के दौरान पटना से विशेष रूप से एसटीएफ कमांडो भेजे गए थे। उन्होंने दावा किया कि CM के आदेश पर पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉल के माध्यम से भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि हाथी पागल हो जाए तो उसे मार दिया जाता है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटनास्थल पर तीन गोलियां लगने के बाद भी जब भरत तिवारी की मौत नहीं हुई तो एंबुलेंस के अंदर उन्हें 2 और गोलियां मारी गईं। अपने पत्र में अमिताभ कुमार दास ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि इस पत्र के बाद उनकी जान को गंभीर खतरा है और उनकी हत्या की साजिश रची जा सकती है। इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए जाएं।

