भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन स्थित प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर आज अचानक भीषण आग लग गई। आग स्टेशन परिसर में स्थित एक कैटरिंग स्टॉल में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना में स्टॉल में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अचानक स्टॉल से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग की तेज लपटें पूरे दुकान में फैल गईं। आग लगते ही स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। दो से ढ़ाई लाख रुपये का नुकसान कैटरिंग स्टॉल संचालक मुरारी सहनी ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि सामान निकालने का मौका तक नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि इस हादसे में करीब दो से ढ़ाई लाख रुपये की क्षति हुई है। स्टॉल में रखा खाद्य सामग्री, फर्नीचर, बिजली उपकरण और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। घटना के दौरान उनकी पत्नी भी स्टॉल पर मौजूद थीं। आग की चपेट में आने से उनके बाल झुलस गए। हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मियों ने राहत काम शुरू कर दिया। इसी दौरान स्थानीय युवक अभिमन्यु यादव ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों की मदद और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से आग को आसपास की दुकानों और स्टेशन परिसर में फैलने से रोक लिया गया। स्टेशन अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही रेलवे के कार्यवाहक स्टाफ धर्मेंद्र कुमार और फायर स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचे। चार अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आग और भी भयावह रूप ले सकती थी।
भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 पर लगी आग:स्टॉल में रखा 2 लाख का सामान जला, शॉर्ट सर्किट के कारण हादसा
भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन स्थित प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर आज अचानक भीषण आग लग गई। आग स्टेशन परिसर में स्थित एक कैटरिंग स्टॉल में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना में स्टॉल में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। अचानक स्टॉल से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग की तेज लपटें पूरे दुकान में फैल गईं। आग लगते ही स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। दो से ढ़ाई लाख रुपये का नुकसान कैटरिंग स्टॉल संचालक मुरारी सहनी ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि सामान निकालने का मौका तक नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि इस हादसे में करीब दो से ढ़ाई लाख रुपये की क्षति हुई है। स्टॉल में रखा खाद्य सामग्री, फर्नीचर, बिजली उपकरण और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। घटना के दौरान उनकी पत्नी भी स्टॉल पर मौजूद थीं। आग की चपेट में आने से उनके बाल झुलस गए। हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मियों ने राहत काम शुरू कर दिया। इसी दौरान स्थानीय युवक अभिमन्यु यादव ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों की मदद और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से आग को आसपास की दुकानों और स्टेशन परिसर में फैलने से रोक लिया गया। स्टेशन अधीक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही रेलवे के कार्यवाहक स्टाफ धर्मेंद्र कुमार और फायर स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचे। चार अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो आग और भी भयावह रूप ले सकती थी।


