बिहार सरकार ने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संकल्प’ सभागार में भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीमा सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था, तस्करी रोकने और केंद्र सरकार के निर्देशों के पालन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सीमा पर अवैध गतिविधियों पर पूरी सख्ती के निर्देश बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली हर तरह की अवैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र संवेदनशील होता है और यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा के रास्ते होने वाली तस्करी, नकली नोटों का कारोबार, नशीले पदार्थों की आवाजाही और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपराधियों को छूट नहीं मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि 26 और 27 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी। बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर बिहार सरकार द्वारा किए गए कार्यों और तैयारियों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पालन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा प्रबंधन से जुड़े हर बिंदु पर नियमित निगरानी रखी जाए। नई तकनीक से मजबूत होगी निगरानी व्यवस्था मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीमा क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। बदलते समय के साथ निगरानी और सूचना तंत्र को भी आधुनिक बनाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमा क्षेत्रों में तकनीकी निगरानी, सूचना संग्रह और सुरक्षा समन्वय को और मजबूत किया जाए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान कर कार्रवाई की जा सके। तस्करी, नकली नोट और नशीले पदार्थों पर विशेष नजर बैठक में मुख्यमंत्री ने सीमा पार से होने वाली तस्करी और अवैध कारोबार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली नोटों का नेटवर्क और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों और गिरोहों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियां एकजुट होकर काम करें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। सीमा सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह सक्रिय और मजबूत बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक (ऑपरेशन) कुंदन कृष्ण, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश:CM सम्राट चौधरी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
बिहार सरकार ने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संकल्प’ सभागार में भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीमा सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था, तस्करी रोकने और केंद्र सरकार के निर्देशों के पालन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सीमा पर अवैध गतिविधियों पर पूरी सख्ती के निर्देश बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली हर तरह की अवैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र संवेदनशील होता है और यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा के रास्ते होने वाली तस्करी, नकली नोटों का कारोबार, नशीले पदार्थों की आवाजाही और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपराधियों को छूट नहीं मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि 26 और 27 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी। बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर बिहार सरकार द्वारा किए गए कार्यों और तैयारियों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ पालन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा प्रबंधन से जुड़े हर बिंदु पर नियमित निगरानी रखी जाए। नई तकनीक से मजबूत होगी निगरानी व्यवस्था मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीमा क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। बदलते समय के साथ निगरानी और सूचना तंत्र को भी आधुनिक बनाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमा क्षेत्रों में तकनीकी निगरानी, सूचना संग्रह और सुरक्षा समन्वय को और मजबूत किया जाए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान कर कार्रवाई की जा सके। तस्करी, नकली नोट और नशीले पदार्थों पर विशेष नजर बैठक में मुख्यमंत्री ने सीमा पार से होने वाली तस्करी और अवैध कारोबार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली नोटों का नेटवर्क और अन्य गैरकानूनी गतिविधियां समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों और गिरोहों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियां एकजुट होकर काम करें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। सीमा सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह सक्रिय और मजबूत बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक (ऑपरेशन) कुंदन कृष्ण, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

