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मधेपुरा सिविल कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह मलहोत्रा ने शनिवार को मंडल कारा और किशोर न्यायालय से संबंधित पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को बंदियों एवं बच्चों को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संस्थानों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मंडल कारा के निरीक्षण के दौरान, जिला जज ने शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्यकर वातावरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी बंदियों को मानवीय आधार पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। कारा अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के माध्यम से पात्र बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डीएलएसए की सचिव सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूजा कुमारी साह ने कहा कि जरूरतमंद बंदियों को विधिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ नियमित जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए इसके बाद प्रधान जिला जज ने किशोर न्यायालय से संबंधित पर्यवेक्षण गृह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भवनों की आवश्यक मरम्मत कराने, परिसर की नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा वहां रह रहे बच्चों को पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से बच्चों की देखभाल और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने को कहा। निरीक्षण के दौरान सीजेएम नूतन कुमारी, डीएलएसए के परामर्शी सुजीत कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

