मधेपुरा में मंगलवार को भाजपा कार्यालय में कोसी क्षेत्रीय छात्र-छात्रा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि भाजपा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। तारकिशोर प्रसाद ने डॉ. मुखर्जी के जीवन को राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, स्वाभिमान और त्याग का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के चरित्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। राष्ट्रहित किसी भी पद से बड़ा होता है
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने 1950 में हुए नेहरू-लियाकत समझौते का जिक्र किया, जिसके विरोध में डॉ. मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी को लगा था कि पूर्वी पाकिस्तान के हिंदुओं के साथ अन्याय हो रहा है। इस घटना ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रहित किसी भी पद से बड़ा होता है। तारकिशोर प्रसाद ने बताया कि 1951 में डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी राजनीति को एक नई दिशा दी। उनका प्रसिद्ध नारा “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” आज भी देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। सम्मेलन में युवाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरित पांच प्रमुख संदेश दिए। इन संदेशों में युवाओं से स्वाभिमानी बनने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, देश की एकता को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय संस्कारों को अपनाने और निर्भय होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे
युवाओं से अपील की गई कि वे अपनी शिक्षा को कौशल से जोड़कर रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार, महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मीना झा, भाजयुमो के क्षेत्रीय प्रभारी प्रकाश झा, क्षेत्रीय सह प्रभारी राहुल यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष आनंद शेखर, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य स्वदेश कुमार सहित कोसी क्षेत्र के अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

