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चतरा जिले के कुंदा प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शनिवार रात टिकुलियाटांड़ गांव निवासी संजू देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन समय पर सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, ‘ममता वाहन’ मरीजों की सेवा के बजाय बारात ढोने में लगा था। परिजनों ने सहिया के माध्यम से वाहन मालिक से संपर्क किया, लेकिन उसने साफ कह दिया कि गाड़ी बारात में बुक है। निजी व्यवस्था करनी होगी। ऐसे में पीड़िता के देवर शिवम कुमार ने हिम्मत दिखाई और मोटरसाइकिल से ही संजू देवी को रात के अंधेरे में अस्पताल पहुंचाया। बाइक पर अस्पताल पहुंची गर्भवती दर्द से कराह रही महिला को अपाचे मोटरसाइकिल पर बैठाकर परिवार ने किसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कुंदा पहुंचाया। जानकारी के मुताबिक जब परिजन पीएचसी पहुंचे तो अस्पताल का मुख्य दरवाजा बंद मिला। परिजनों को खुद दरवाजा खोलकर अंदर जाना पड़ा। अस्पताल में केवल एक एएनएम मौजूद थी। डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। बताया गया कि आउटसोर्सिंग पर बहाल कई कर्मचारी हाजिरी बनाकर गायब थे। डीसी ने दिए जांच के आदेश घटना सामने आने के बाद चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने पुष्टि की कि ममता वाहन बारात में लगा हुआ था, जो गंभीर लापरवाही है। उपायुक्त ने एसडीओ के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।

