देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का केरल में अब तक प्रवेश नहीं होने से झारखंड में मानसून के आगमन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। केरल में मानसून पहुंचने के बाद उसकी प्रगति और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर बढ़ने की गति के आधार पर ही झारखंड में इसके प्रवेश की संभावित तिथि का आकलन किया जा सकेगा। सामान्य तौर पर झारखंड में मानसून 12 जून के आसपास पहुंचता है। लेकिन इस बार जून के दूसरे सप्ताह के बाद झारखंड में मानसून दस्तक दे सकता है। यदि इसके आगमन में देरी होती है तो राज्य में गर्मी और उमस बढ़ सकती है। हालांकि जून के पहले सप्ताह में बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण अत्यधिक गर्मी पड़ने की संभावना फिलहाल कम है। इसके बावजूद कुछ इलाकों में एक-दो दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। रांची की तुलना में पलामू और कोल्हान क्षेत्र में गर्मी का असर अधिक रहेगा। दिन में उमस भरी गर्मी महसूस होगी, जबकि दोपहर बाद या शाम के समय कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दूसरे सप्ताह में भी गर्म और उमस भरे मौसम के बीच रुक-रुक कर बारिश जारी रहने के आसार हैं। जून का अधिकतम तापमान (पिछले 5 वर्ष) कोविड काल (2021) के बाद लगातार तीन सालों तक जून में भीषण गर्मी पड़ी और पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। हालांकि, 2025 में भारी बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। 2. जून में हुई बारिश (पिछले 5 वर्ष) जून महीने में सामान्य बारिश 197.6 एमएम (mm) होनी चाहिए। पिछले 5 वर्षों में से 3 बार सूखा जैसी स्थिति रही (सामान्य से कम बारिश हुई), जबकि 2 बार सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। तीन साल 40 के पार रहा था तापमान कोरोना की वजह से 2020 में लॉकडाउन था और 2021 में सेमी लॉकडाउन लगा था। जिससे वाहन व फैक्ट्रियां बंद रहने या कम चलने से तापमान कम था। कोविड के बाद लगातार तीन साल तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। हालांकि, साल 2025 में जून में 587.8 एमएम बारिश हुई थी। अधिक बारिश के कारण पारा ज्यादा नहीं बढ़ा था। जून में पिछले साल अधिकतम पारा 36.5 डिग्री तक गया था, जो इस साल बढ़ने की संभावना है। 5 वर्षों में 3 बार सामान्य से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य बारिश 197.6 एमएम होती है। लेकिन वर्ष 2020 व 2021 में लॉकडाउन की वजह से वाहनों की आवाजाही कम थी। इस कारण जून में सामान्य से अधिक बारिश हुई। इसके बाद तीन साल सामान्य से कम बारिश हुई। सबसे खराब स्थिति साल 2024 में रही, जब जून में मात्र 80.9 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 59 प्रतिशत कम थी। दरअसल, इस साल मानसून का प्रवेश भी अनुमान से 10 दिन देरी से हुआ था। वहीं, पिछले साल की बात करें तो जून में 587.8 एमएम बारिश हुई थी, जो सामान्य से 197 एमएम ज्यादा थी। कैसा रहेगा मौसम अगले पांच दिन: मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई है। पूरे सप्ताह राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर में धूप और उमस के बाद शाम के समय हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान रांची का पारा 38 डिग्री तक जाने की संभावना है।- अभिषेक आनंद, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, रांची
मानसून : जून के तीसरे सप्ताह में पहुंचने के आसार, देरी से चढ़ेगा पारा
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का केरल में अब तक प्रवेश नहीं होने से झारखंड में मानसून के आगमन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। केरल में मानसून पहुंचने के बाद उसकी प्रगति और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर बढ़ने की गति के आधार पर ही झारखंड में इसके प्रवेश की संभावित तिथि का आकलन किया जा सकेगा। सामान्य तौर पर झारखंड में मानसून 12 जून के आसपास पहुंचता है। लेकिन इस बार जून के दूसरे सप्ताह के बाद झारखंड में मानसून दस्तक दे सकता है। यदि इसके आगमन में देरी होती है तो राज्य में गर्मी और उमस बढ़ सकती है। हालांकि जून के पहले सप्ताह में बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण अत्यधिक गर्मी पड़ने की संभावना फिलहाल कम है। इसके बावजूद कुछ इलाकों में एक-दो दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। रांची की तुलना में पलामू और कोल्हान क्षेत्र में गर्मी का असर अधिक रहेगा। दिन में उमस भरी गर्मी महसूस होगी, जबकि दोपहर बाद या शाम के समय कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दूसरे सप्ताह में भी गर्म और उमस भरे मौसम के बीच रुक-रुक कर बारिश जारी रहने के आसार हैं। जून का अधिकतम तापमान (पिछले 5 वर्ष) कोविड काल (2021) के बाद लगातार तीन सालों तक जून में भीषण गर्मी पड़ी और पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। हालांकि, 2025 में भारी बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। 2. जून में हुई बारिश (पिछले 5 वर्ष) जून महीने में सामान्य बारिश 197.6 एमएम (mm) होनी चाहिए। पिछले 5 वर्षों में से 3 बार सूखा जैसी स्थिति रही (सामान्य से कम बारिश हुई), जबकि 2 बार सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। तीन साल 40 के पार रहा था तापमान कोरोना की वजह से 2020 में लॉकडाउन था और 2021 में सेमी लॉकडाउन लगा था। जिससे वाहन व फैक्ट्रियां बंद रहने या कम चलने से तापमान कम था। कोविड के बाद लगातार तीन साल तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। हालांकि, साल 2025 में जून में 587.8 एमएम बारिश हुई थी। अधिक बारिश के कारण पारा ज्यादा नहीं बढ़ा था। जून में पिछले साल अधिकतम पारा 36.5 डिग्री तक गया था, जो इस साल बढ़ने की संभावना है। 5 वर्षों में 3 बार सामान्य से कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य बारिश 197.6 एमएम होती है। लेकिन वर्ष 2020 व 2021 में लॉकडाउन की वजह से वाहनों की आवाजाही कम थी। इस कारण जून में सामान्य से अधिक बारिश हुई। इसके बाद तीन साल सामान्य से कम बारिश हुई। सबसे खराब स्थिति साल 2024 में रही, जब जून में मात्र 80.9 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 59 प्रतिशत कम थी। दरअसल, इस साल मानसून का प्रवेश भी अनुमान से 10 दिन देरी से हुआ था। वहीं, पिछले साल की बात करें तो जून में 587.8 एमएम बारिश हुई थी, जो सामान्य से 197 एमएम ज्यादा थी। कैसा रहेगा मौसम अगले पांच दिन: मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई है। पूरे सप्ताह राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर में धूप और उमस के बाद शाम के समय हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान रांची का पारा 38 डिग्री तक जाने की संभावना है।- अभिषेक आनंद, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, रांची

