खास बातें
Mid-Day Meal Egg Controversy ISKCON: पश्चिम बंगाल में स्कूलों के मिड-डे मील (Midday Meal) पर मचे सियासी और धार्मिक घमासान के बीच इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) ने अपने कोलकाता इकाई के उपाध्यक्ष और प्रमुख प्रवक्ता राधारमण दास (Radharaman Das) को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है. यह कार्रवाई उस विवाद के ठीक बाद हुई है, जिसमें राधारमण दास कोलकाता नगर निगम के स्कूलों में अंडे की जगह पूरी तरह शाकाहारी भोजन देने के पायलट प्रोजेक्ट का सार्वजनिक रूप से बचाव कर रहे थे.
छुट्टी पर भेजे गये राधारमण दास : इस्कॉन
इस्कॉन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि राधारमण दास को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य छुट्टी (Compulsory Leave of Absence) पर भेज दिया गया है. संगठन ने उन्हें मीडिया, सरकार या किसी भी सार्वजनिक मंच पर इस्कॉन का प्रतिनिधित्व न करने की हिदायत दी है. इस्कॉन के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी विशेष विचार के कारण नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से उनके द्वारा संगठनात्मक प्रक्रियाओं और नियमों के बार-बार उल्लंघन के कारण की गयी है. संगठन का आरोप है कि दास ने आधिकारिक रुख के विपरीत जाकर एकतरफा फैसले लिये, जिससे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में सदस्यों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ.
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राधारमण दास ने गिनाये कार्रवाई के 6 कारण
पद से हटाये जाने के बाद राधारमण दास ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा- मैं संगठन के अधिकारियों के फैसले का सम्मान करता हूं. उनके निर्देशों का पालन करूंगा. दास ने कहा कि 6 प्रमुख कारणों से उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी है. उनमें प्रमुख 4 कारण इस प्रकार हैं.
- बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार के खिलाफ खुलकर बोलना.
- चिन्मय कृष्ण प्रभु का समर्थन करना.
- इस्कॉन पर गाय कसाइयों को बेचने का आरोप लगाने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को कानूनी नोटिस भेजना.
- इस्कॉन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली कॉमेडियन सुरलीन कौर के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज कराना.
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Mid-Day Meal Egg Controversy: क्या है मिड-डे मील का अंडा विवाद?
पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के तहत आने वाले स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने और बांटने में सहयोग के लिए इस्कॉन को शामिल करने की घोषणा की गयी. इस योजना के तहत स्कूलों में बच्चों के मेनू से अंडे को हटाकर पूरी तरह सात्विक और शाकाहारी भोजन देने का प्रस्ताव सामने आया. इसने बंगाल की राजनीति और समाज में एक नयी बहस छेड़ दी. राधारमण दास ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए पहले कहा था कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा नया मेनू अभी अंतिम नहीं है.
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