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मुंगेर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार दोपहर एक मरीज और उसके परिजनों ने डाटा एंट्री ऑपरेटर के साथ मारपीट की। यह घटना पर्ची काटने में हुई देरी को लेकर हुई। डाटा ऑपरेटर निखिल राम भट्ट ने बताया कि दोपहर दो बजे डॉ. रमन की ड्यूटी थी, लेकिन उनके अवकाश पर होने के कारण डॉ. रूपेश कार्यभार संभालने पहुंचे थे। इसी दौरान भाव्या पोर्टल पर चिकित्सक का नाम अपडेट किया जा रहा था। पहले ड्रेसिंग कराने को कहा इसी बीच, सड़क दुर्घटना में घायल शास्त्री नगर निवासी विजय शंकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। पर्ची बनाने में कुछ समय लगने की जानकारी देते हुए ऑपरेटर ने उन्हें पहले ड्रेसिंग कराने को कहा था। मारपीट की घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया। घायल डाटा ऑपरेटर निखिल राम भट्ट का इलाज सदर अस्पताल में ही कराया गया। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग घटना को लेकर पीड़ित डाटा ऑपरेटर निखिल राम भट्ट ने सिविल सर्जन, सदर अस्पताल उपाधीक्षक, अस्पताल प्रबंधक और कोतवाली थाना में आवेदन देकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, इस घटना के विरोध में डाटा ऑपरेटरों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सोमवार से हड़ताल पर चले जाएंगे। आरोप है कि इसी बीच मरीज के दो पुत्र वहां पहुंचे और पर्ची में देरी को लेकर विवाद करने लगे। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और मरीज व उसके परिजनों ने डाटा ऑपरेटर के साथ मारपीट शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया शोरगुल सुनकर मौके पर पहुंचे चिकित्सकों, सुरक्षाकर्मियों और अस्पताल कर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। हालांकि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
डाटा ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी वार्ड में इलाज कराने आने वाले कुछ लोग आए दिन कर्मियों के साथ बदसलूकी करते हैं, जिससे कर्मचारियों में भय का माहौल बना रहता है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। परिजन धैर्य बनाए रखें-CS
इधर, सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि डाटा ऑपरेटरों द्वारा घटना की शिकायत की गई है। उन्हें लिखित आवेदन देने को कहा गया है और मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज और उनके परिजन धैर्य बनाए रखें। अस्पताल कर्मी मरीजों की जान बचाने के लिए लगातार कार्य करते हैं। अस्पताल परिसर में मारपीट या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कहीं से भी उचित नहीं है।

