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अस्पताल के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से को जोड़ने की योजना…
रिम्स परिसर में लगने वाले जाम से मरीजों और एंबुलेंस को राहत दिलाने के लिए अस्पताल के भीतर और बाहर की यातायात व्यवस्था बदलने की तैयारी है। इसके तहत फ्लाईओवर, अंडरपास और वैकल्पिक सड़क बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। योजना का अहम पहलू यह है कि कोकर की ओर जाने वाले आम वाहनों को रिम्स परिसर के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे अस्पताल के अंदर वाहनों का दबाव कम करने और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता आसान बनाने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इस संबंध में पथ निर्माण विभाग को पत्र लिख आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। अलग रास्ते से अस्पताल परिसर में घटेगा वाहनों का दबाव
वर्तमान में रिम्स परिसर के बीच से होकर कोकर की ओर जाने वाली सड़क गुजरती है। इस वजह से अस्पताल आने वाले मरीजों, एंबुलेंस और आम वाहनों को एक ही मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे परिसर में भीड़ बढ़ती है और कई बार मरीजों को एक चिकित्सा इकाई से दूसरी इकाई तक ले जाने में परेशानी होती है। प्रस्ताव के अनुसार, बरियातू रोड स्थित रिम्स गेट से कोकर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग फ्लाईओवर और सड़क बनाने की योजना है। इसके बनने से सामान्य यातायात को अस्पताल परिसर से बाहर ही वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा। इससे अस्पताल के अंदर वाहनों की आवाजाही कम करने में मदद मिलेगी। रिम्स के दोनों हिस्सों को जोड़ने की भी योजना
प्रस्ताव में रिम्स के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने के लिए फ्लाईओवर या अंडरपास का विकल्प भी है। इससे ट्रॉमा सेंटर, सुपर स्पेशियलिटी विभाग और अन्य चिकित्सा इकाइयों के बीच आवागमन आसान हो सकता है। गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को भी जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। राहत मिलेगी, लेकिन निर्माण पर फैसला बाकी
योजना का उद्देश्य सामान्य यातायात को अस्पताल परिसर से बाहर निकालना और मरीजों के लिए रास्ता सुगम बनाना है। हालांकि, अभी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। तकनीकी जांच, बजट और निर्माण की समयसीमा तय होनी बाकी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लाईओवर, अंडरपास और वैकल्पिक सड़क में से किन निर्माण कार्यों को अंतिम मंजूरी मिलेगी।
रिम्स के बीच से नहीं गुजरेंगे आम वाहन:फ्लाईओवर-अंडरपास बनाने का प्रस्ताव, मरीजों को होगी सुविधा
