
Bhagalpur Biyada Ghat Passenger Assault: भागलपुर के व्यस्त बियाडा घाट पर शुक्रवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा नदी पार करने पहुंचे एक सीधे-सादे यात्री के साथ स्टीमर कर्मियों की तीखी बहस खूनी झड़प में बदल गई. 15 बोरी चावल लेकर नवगछिया जाने की तैयारी कर रहे युवक को क्या मालूम था कि अपनी ही गाढ़ी कमाई का भाड़ा देने के बावजूद उसे लात-घूंसों का सामना करना पड़ेगा.
जेटी नंबर तीन पर हुए इस विवाद के बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई. पुलिस की एंट्री के बाद मामला भले ही शांत हो गया हो, लेकिन इस घटना ने भागलपुर के बियाडा घाट पर यात्रियों की सुरक्षा और काउंटर कर्मियों की गुंडागर्दी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
150 रुपये का टोकन और पीठ पर लिखा नोट, फिर भी जेटी पर क्यों रोका गया रास्ता
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह और संदर्भ को समझें तो शाहकुंड निवासी पीड़ित कुणाल कुमार शुक्रवार को अपने 16 बोरी चावल को नवगछिया भेजने के इरादे से बियाडा घाट पहुंचे थे. नियम के मुताबिक सामान लोड करने के लिए उन्होंने काउंटर से 50-50 रुपये के तीन टोकन खरीदे. चूंकि टोकन बाइक की रसीद पर दिए गए थे, इसलिए कुणाल ने समझदारी दिखाते हुए काउंटर कर्मी से टोकन के पीछे लिखवा लिया कि 15 बोरी चावल ले जाने के एवज में कुल 150 रुपये वसूल कर लिए गए हैं.
कागजी खानापूर्ति पूरी होने के बाद कुणाल निश्चिंत होकर जेटी नंबर तीन पर पहुंचे ताकि स्टीमर पर चावल की बोरियां लोड की जा सकें. लेकिन जैसे ही वे स्टीमर की तरफ बढ़े, वहां मौजूद टोकन कलेक्ट करने वाले कर्मी ने उन्हें दबंगई दिखाते हुए रोक दिया. कुणाल ने टोकन के पीछे लिखा नोट भी दिखाया, लेकिन कर्मी मानने को तैयार नहीं हुआ. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
चार-पांच कर्मियों ने मिलकर पीटा, टी-शर्ट फटी और कान का कुंडल नोचने का आरोप
कहासुनी देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि स्टीमर के चार से पांच कर्मी एक साथ कुणाल पर टूट पड़े. पीड़ित यात्री का आरोप है कि दबंग कर्मियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं. मारपीट के दौरान उनकी टी-शर्ट पूरी तरह फट गई और दबंगों ने उनके कान का सोने का कुंडल भी नोच लिया.
इस मानवीय पहलू ने घाट पर मौजूद अन्य यात्रियों को भी हतप्रभ कर दिया. रोजमर्रा की जिंदगी में रोजी-रोटी के सिलसिले में घाट से गुजरने वाले आम लोगों में इस घटना के बाद से खौफ का माहौल है. लोगों का कहना है कि घाट पर ठेकेदारों और स्टीमर कर्मियों का दबदबा इतना बढ़ गया है कि मामूली बात पर आम यात्रियों के साथ बदसलूकी और मारपीट आम बात बनती जा रही है.
एजेंसी का अपना दावा, जानिए क्यों उलझा सामान लादने का विवाद
दूसरी तरफ घटना की जानकारी मिलने पर एजेंसी की ओर से घाट पर परिचालन की देखरेख कर रहे कर्मियों ने अपना पक्ष रखा. एजेंसी के प्रतिनिधि का दावा है कि यात्री खुद सामान चढ़ाने के बजाय स्टीमर कर्मियों पर दबाव बना रहा था कि वे उसकी चावल की बोरियां लोड करें. इसी बात की जिद को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसने बाद में उग्र रूप ले लिया.
हालांकि पीड़ित का कहना है कि जब उसने भाड़े के पूरे पैसे चुका दिए थे, तो उसे अपना सामान ले जाने से क्यों रोका गया. यह विवाद न सिर्फ दो पक्षों की कहासुनी है, बल्कि घाट पर जारी अव्यवस्था और यात्रियों के शोषण की परतें खोलता है.
Bhagalpur Biyada Ghat Passenger Assault: अस्थायी पुलिस ने संभाला मोर्चा, जानिए मामले में आगे क्या हुआ
बियाडा घाट पर मारपीट और हड़कंप की खबर मिलते ही पास के अस्थायी थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और पीड़ित कुणाल कुमार को अपने साथ अस्थायी थाने ले आई.
अस्थायी थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने पीड़ित युवक से घटना की पूरी जानकारी ली और मामले की छानबीन शुरू कर दी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को औपचारिक लिखित आवेदन नहीं दिया गया था. पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलते ही मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आगे की स्थिति पर पुलिस पैनी नजर रखे हुए है ताकि घाट पर शांति व्यवस्था बनी रहे.
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