शेखपुरा में गुरुवार सुबह खांडपर पहाड़ पर अग्निकांड से निपटने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। फायर स्टेशन शेखपुरा की टीम ने अग्निशमन पदाधिकारी सुधीर कुमार सिंह और सब अधिकारी सौरव कुमार के नेतृत्व में यह ड्रिल संपन्न कराई। जिलाधिकारी शेखर आनंद सहित अन्य अधिकारी स्वयं पहाड़ी चोटी पर पहुंचे और स्थानीय लोगों तथा समिति सदस्यों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान बताया कि गर्मी और सूखे मौसम में पहाड़ी झाड़ियों में आग लगना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि एक दशक पहले शहर के अहियापुर स्थित पहाड़ी क्षेत्र में लगी आग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह विशेष पहल की है। लापरवाही बरतने से लगती है आग कार्यक्रम में बताया गया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बीड़ी-सिगरेट के जलते टुकड़े फेंकने, लापरवाही बरतने और ठनका गिरने जैसी घटनाओं से आग लग सकती है। फायर ब्रिगेड टीम ने आग पर नियंत्रण पाने के व्यावहारिक तरीकों, प्राथमिक सुरक्षा उपायों और घायल लोगों को पहाड़ से सुरक्षित नीचे लाने की सरल विधियों का प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने इस अवसर पर कहा कि आपदा के समय स्थानीय युवाओं और समिति सदस्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर जागरूकता और प्रशिक्षण से बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्र में आने वाले लोगों से सावधानी बरतने और जंगल एवं झाड़ियों में आग से बचाव के प्रति सतर्क रहने की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय समाजसेवी, युवा और ग्रामीण उपस्थित थे। इस मौके पर एसडीएम प्रियंका कुमारी, एडीएम लखेंद्र पासवान, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। नगर थाना के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मॉक ड्रिल कार्यक्रम में रामाधुनी महायज्ञ समिति के अध्यक्ष रमेश महतो, कोषाध्यक्ष पवन मेहता, सचिव अजय शर्मा, सक्रिय सदस्य गुड्डू, सुधीर कुमार, विपुल, अजीत पटेल, नवीन मेहता, सोनू मेहता, राहुल, राजू, सूरज, अभिषेक, अजय साव, रंजीत समेत कई सदस्य उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं फायर स्टेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से लोगों में सुरक्षा के प्रति समझ विकसित होगी तथा भविष्य में संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।
शेखपुरा के खांडपर पहाड़ पर DM ने किया मॉक ड्रिल:अग्निकांड से बचाव के तरीके बताए, स्थानीय लोगों को किया जागरूक
शेखपुरा में गुरुवार सुबह खांडपर पहाड़ पर अग्निकांड से निपटने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। फायर स्टेशन शेखपुरा की टीम ने अग्निशमन पदाधिकारी सुधीर कुमार सिंह और सब अधिकारी सौरव कुमार के नेतृत्व में यह ड्रिल संपन्न कराई। जिलाधिकारी शेखर आनंद सहित अन्य अधिकारी स्वयं पहाड़ी चोटी पर पहुंचे और स्थानीय लोगों तथा समिति सदस्यों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान बताया कि गर्मी और सूखे मौसम में पहाड़ी झाड़ियों में आग लगना बेहद खतरनाक हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि एक दशक पहले शहर के अहियापुर स्थित पहाड़ी क्षेत्र में लगी आग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह विशेष पहल की है। लापरवाही बरतने से लगती है आग कार्यक्रम में बताया गया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बीड़ी-सिगरेट के जलते टुकड़े फेंकने, लापरवाही बरतने और ठनका गिरने जैसी घटनाओं से आग लग सकती है। फायर ब्रिगेड टीम ने आग पर नियंत्रण पाने के व्यावहारिक तरीकों, प्राथमिक सुरक्षा उपायों और घायल लोगों को पहाड़ से सुरक्षित नीचे लाने की सरल विधियों का प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने इस अवसर पर कहा कि आपदा के समय स्थानीय युवाओं और समिति सदस्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर जागरूकता और प्रशिक्षण से बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्र में आने वाले लोगों से सावधानी बरतने और जंगल एवं झाड़ियों में आग से बचाव के प्रति सतर्क रहने की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय समाजसेवी, युवा और ग्रामीण उपस्थित थे। इस मौके पर एसडीएम प्रियंका कुमारी, एडीएम लखेंद्र पासवान, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। नगर थाना के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मॉक ड्रिल कार्यक्रम में रामाधुनी महायज्ञ समिति के अध्यक्ष रमेश महतो, कोषाध्यक्ष पवन मेहता, सचिव अजय शर्मा, सक्रिय सदस्य गुड्डू, सुधीर कुमार, विपुल, अजीत पटेल, नवीन मेहता, सोनू मेहता, राहुल, राजू, सूरज, अभिषेक, अजय साव, रंजीत समेत कई सदस्य उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं फायर स्टेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम से लोगों में सुरक्षा के प्रति समझ विकसित होगी तथा भविष्य में संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।

