दुग्दा-दामोदा-बाघमारा सड़क मार्ग पर चंदुआडीह शिव मंदिर के समीप बीते गुरुवार की रात हुए सड़क हादसे में पत्रकार राजेंद्र प्रसाद महतो (53) की मौत के बाद आक्रोश भड़क गया। ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर मुआवजे की मांग को लेकर जाम लगा दिया। करीब 18 घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद दुग्दा थाना में त्रिपक्षीय वार्ता के बाद मामला शांत हुआ और शव को उठाया गया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल चास भेज दिया। वार्ता में प्रशासन, जनप्रतिनिधि और मृतक के परिजन शामिल हुए। समझौते के तहत वाहन मालिक विक्रम यादव द्वारा 5 लाख रुपए, राज्य सरकार के आपदा कोष से 1 लाख रुपए तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक पदाधिकारियों की ओर से 2 लाख रुपए देने पर सहमति बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 8 बजे चंदुआडीह स्थित निरंजन हार्डवेयर दुकान के पास एक स्कॉर्पियो ने दुग्दा बस्ती निवासी प्रेम कुमार झा को पीछे से टक्कर मार दी। इसके बाद चालक भागने के क्रम में वाहन असंतुलित हो गया और दीक्षा कंप्यूटर सेंटर की दीवार से टकराकर पलट गया। इसी दौरान वहां बैठे पत्रकार राजेंद्र प्रसाद महतो स्कॉर्पियो की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद दुग्दा पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल तिलका मांझी मेमोरियल अस्पताल, डीवीसी चंद्रपुरा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विरोध प्रदर्शन के साथ बाधित किया यातायात मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण उग्र हो गए और शव को सड़क पर रखकर टायर जलाते हुए प्रदर्शन किया। जाम के कारण दुग्दा-बाघमारा सड़क मार्ग पर करीब 18 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। समझौता वार्ता में चंद्रपुरा बीडीओ सह प्रभारी सीओ ईश्वर दयाल महतो, बेरमो पुलिस निरीक्षक नवल किशोर सिंह, दुग्दा थाना प्रभारी मनीष कुमार, बोकारो झरिया ओपी प्रभारी श्रीनिवास सिंह, झामुमो के केंद्रीय सदस्य अखिलेश महतो, जिप सदस्य संतोष कुमार पांडेय, प्रखंड अध्यक्ष सुभाष चंद्र महतो, सांसद प्रतिनिधि नवीन कुमार महतो, जेएलकेएम के कुलदीप महतो, टेकलाल महतो सहित मृतक के परिजन मौजूद थे।


